facebookmetapixel
अमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्त

Telangana Election Result 2023 : जानिए कौन हैं सुनील कानुगोलू? करिश्माई रणनीति से पलटी तेलंगाना में कांग्रेस की किस्मत

कानुगोलू को कर्नाटक में कांग्रेस की जीत का काफी हद तक श्रेय दिया गया और बाद में उन्हें सिद्धरमैया सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया।

Last Updated- December 03, 2023 | 7:23 PM IST
Telangana Election Result 2023: Know who is Sunil Kanugolu? Congress's fortunes changed in Telangana due to charismatic strategy

Telangana Election Result 2023 : कर्नाटक में कांग्रेस को सत्ता में वापसी कराने के कुछ महीनों बाद चुनावी रणनीतिकार सुनील कानुगोलू की रणनीति एक बार फिर करिश्माई साबित हुई और तेलंगाना में कांग्रेस की किस्मत पलट गई।

कानुगोलू को कर्नाटक में कांग्रेस की जीत का काफी हद तक श्रेय दिया गया और बाद में उन्हें सिद्धरमैया सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया। इस बार, कानुगोलू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी के साथ मिलकर के.चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस को परास्त करने के मकसद से कांग्रेस की रणनीति तैयार करने के लिए एक मजबूत जोड़ी बनाई।

राव दक्षिणी राज्य में तीसरे कार्यकाल की तलाश में थे। तेलंगाना में कांग्रेस जहां स्पष्ट बहुमत के आंकड़े से आगे बढ़ती दिख रही है वहीं हिंदी पट्टी के राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में उसे करारी शिकस्त झेलनी पड़ती दिख रही है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद कानुगोलू ने राजस्थान और मध्य प्रदेश का भी रुख किया था लेकिन क्षेत्रीय क्षत्रप अशोक गहलोत और कमलनाथ कथित तौर पर चुनाव रणनीतिकार के सुझावों से एकमत नहीं थे।

राजस्थान चुनावों से पहले, कानुगोलू ने संभावित उम्मीदवारों की जीत के बारे में आकलन किया था, लेकिन कथित तौर पर गहलोत उनके सुझावों से सहमत नहीं हुए। गहलोत विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस सरकार की रणनीति बनाने के लिए नरेश अरोड़ा के ‘डिजाइनबॉक्स’ को ले आए।

सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक और तेलंगाना में कानुगोलू की सफलता उन्हें और उनकी टीम को स्वतंत्र रूप से काम करने की इजाजत देने का नतीजा थी। कर्नाटक से आने वाले कानुगोलू की उम्र लगभग 40 वर्ष है। उनको कर्नाटक में भाजपा के खिलाफ ‘पे-सीएम’ अभियान के साथ कांग्रेस की रणनीति गढ़ने वाला माना जाता है।

तेलंगाना में चुनावों से पहले, उन्होंने कांग्रेस के अभियान के हिस्से के रूप में के.चंद्रशेखर राव सरकार के कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया था। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर पार्टी को लोगों का साथ मिला। कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस द्वारा चलाए गए अभियानों में काफी समानता है क्योंकि दोनों ने सत्ताधारी सरकार के कथित भ्रष्टाचार और प्रस्तावित कल्याण गारंटी को रेखांकित किया, जिससे जनता तुरंत जुड़ती दिखी।

दिलचस्प बात यह है कि कानुगोलू पूर्व में भाजपा के कई चुनाव अभियानों में शामिल रहे हैं। उन्होंने 2018 में कर्नाटक में भाजपा के साथ काम किया और पार्टी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने में कामयाब रही। उन्होंने 2014 में नरेन्द्र मोदी के अभियान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और गुजरात में पार्टी के रणनीतिक अभियानों पर भी काम किया था।

मैकेंजी के पूर्व सलाहकार कानुगोलू द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन से भी जुड़े थे और 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी के ‘नमक्कू नामे’ (हमारे लिए, हम हैं) अभियान का जिम्मा उनके पास था। उन्होंने 2021 में, द्रमुक के खिलाफ अन्नाद्रमुक के साथ भी काम किया और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में तब पार्टी 75 सीटें जीती थीं।

कानुगोलू पिछले साल कांग्रेस में शामिल हुए थे और कर्नाटक में पार्टी के अभियान से जुड़े। उन्हें पिछले साल कन्याकुमारी से कश्मीर तक राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की रणनीति बनाने का भी श्रेय दिया जाता है। कर्नाटक और तेलंगाना को कांग्रेस की झोली में डालने वाले कानुगोलू को लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी द्वारा अधिक जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना है।

First Published - December 3, 2023 | 7:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट