facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

चुनाव आयोग ने सफलतापूर्वक लगाया डीपफेक और AI से तैयार कंटेंट पर अंकुश: मुख्य निर्वाचन आयुक्त

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग के प्रयास रंग लाए। पूरे आम चुनाव के दौरान हम बड़ी मात्रा में एआई से तैयार फर्जी सामग्री के प्रसार को रोकने में कामयाब रहे।

Last Updated- June 03, 2024 | 11:13 PM IST
Chief Election Commissioner , Rajiv Kumar

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग इस वर्ष चुनाव के दौरान डीपफेक और एआई से तैयार होने वाली फर्जी सामग्री पर अंकुश लगाने में प्रभावी तरीके से कामयाब रहा। लोक सभा चुनाव के लिए मतगणना से एक दिन पहले कुमार ने सोमवार को कहा, ‘फर्जी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए आयोग एक साल से अपने अ​धिकारियों को प्र​शिक्षण दे रहा था, उसका सकारात्मक नतीजा सबके सामने है।’

राजीव कुमार ने कहा, ‘इस प्र​शिक्षण के दौरान डीएम समेत पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अ​धिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि जैसे ही कोई फर्जी घटना का मामला सामने आए, फौरन आरोपी के ​खिलाफ केस दर्ज करें और जितनी जल्दी हो सके, उसे पकड़ें।’

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग के प्रयास रंग लाए। पूरे आम चुनाव के दौरान हम बड़ी मात्रा में एआई से तैयार फर्जी सामग्री के प्रसार को रोकने में कामयाब रहे।

उन्होंने कहा, ‘जब चुनाव शुरू हुआ था तो हम इस बात को लेकर बहुत चिंतित थे कि किस प्रकार की एआई सामग्री चुनावों को प्रभावित करेगी, क्योंकि, ऐसे बहुत से मामले सामने आ रहे थे कि किसी की फोटो और किसी अन्य आवाज का इस्तेमाल कर नई सामग्री तैयार कर प्रसारित हो रही थी। अच्छी बात यह है कि हम ऐसी भ्रामक सामग्री का प्रसार रोकने में काफी हद तक कामयाब रहे और ऐसी सामग्री की मात्रा काफी कम हो गई।’

चुनाव के दौरान डीपफेक और एआई से तैयार फर्जी सामग्री के प्रभाव को कुंद करने के लिए निर्वाचन आयोग ने कई कदम उठाए थे। मई 2024 में आयोग ने राजनीतिक दलों को अपने सोशल मीडिया खातों से फर्जी सामग्री हटाने के सख्त निर्देश दिए थे। आयोग ने कहा था कि जैसे ही किसी फर्जी सूचना की खबर दलों की नजर में आती है, उसे 3 घंटे के अंदर सोशल मीडिया मंच से हटा दिया जाए।

First Published - June 3, 2024 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट