facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

हवाई सफर हुआ महंगा तो रेलवे के एसी कोच की ओर खिंचने लगे यात्री

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 3:01 AM IST

उपभोक्ताओं के यात्रा खर्च में बढ़ोतरी का फायदा भारतीय रेलवे को भी मिल रहा है और इसका ही नतीजा है कि वित्त वर्ष 2007-08 के आखिरी पांच महीनों में प्रथम श्रेणी के वातानुकूलित डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 27 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


लग्जरी यात्रा का आनंद उठाने वाले लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है और यही वजह है कि वित्त वर्ष 2007-08 के आखिरी पांच महीनों में प्रथम श्रेणी वातानुकूलित दर्जे में यात्रा करने वाले यात्रियों से होने वाली कमाई में 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। इस श्रेणी के यात्रियों से होने वाली आय बढ़कर 77.11 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। जबकि वित्त वर्ष 2006-07 की समान अवधि में इस दर्जे के यात्रियों से होने वाली कमाई 59.37 करोड़ रुपये थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई यात्रा के महंगे होने और विमानों में आय दिन विलंब की वजह से अब लोग प्रथम श्रेणी वातानुकूलित में यात्रा करना पसंद करते हैं। खासतौर पर दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू और कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के लिए यह श्रेणी उनकी पसंद बन कर उभर रहा है।

हालांकि, इस दर्जे में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 27 फीसदी की बढ़ोतरी कुछ विशेषज्ञों के लिए हैरत भरी खबर है, क्योंकि अमूमन रेलवे के पैसेंजर ट्रैफिक में 8 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है। पर अब जब कि महंगे एटीएफ की वजह से विमान किराये में और बढ़ोतरी की घोषणाएं आने लगी हैं तो बहुत कुछ मुमकिन है कि मध्यम वर्ग अब हवाई यात्रा से दूर होने लगे।

इस क्षेत्र से जुड़े एक जानकार के मुताबिक पहले जहां इस श्रेणी की महज 55-56 फीसदी सीटें ही भर पाती थीं, वहीं अब 80 फीसदी से अधिक सीटों के लिए आरक्षण हो जाता है। भले ही दिल्ली से मुंबई के बीच प्रथम श्रेणी वातानुकूलित और हवाई किराए में बहुत अधिक अंतर नहीं हो फिर भी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है।

Advertisement
First Published - June 2, 2008 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement