facebookmetapixel
Advertisement
Kotak Mahindra Bank Q4: मुनाफे में 10% की बढ़त, एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधारकमर्शियल गैस की कीमतों में आग: दिल्ली के फूड वेंडर्स बेहाल, रेस्टोरेंट्स रेट बढ़ाने की तैयारी में!पुरानी कंपनी का अटका PF पैसा अब तुरंत मिलेगा वापस, नया ‘E-PRAAPTI’ पोर्टल लॉन्च; ऐसे करेगा कामNPS सब्सक्राइबर्स सावधान! 1 जुलाई से बदल रहे हैं मेंटेनेंस के नियम, समझें आपकी जेब पर क्या होगा असरक्या आपके फोन में भी आया तेज सायरन वाला मैसेज? सरकार ने क्यों किया ऐसा टेस्टAvro India का बड़ा धमाका: 1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, जानें स्टॉक स्प्लिट की पूरी डिटेलRBI में बड़ा बदलाव! रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर, 3 साल तक संभालेंगे अहम जिम्मेदारीनिवेशकों की लॉटरी! हर 1 शेयर पर 6 बोनस शेयर देगी अलका इंडिया, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेBNPL vs Credit Card: अभी खरीदें बाद में चुकाएं या कार्ड से खर्च? एक गलत फैसला बना सकता है आपको कर्जदारDividend Stocks: एक शेयर पर ₹270 तक कमाई का मौका! अगले हफ्ते 12 कंपनियों देंगी डिविडेंड, लिस्ट जारी

पेरिस में रकम जुटाने के तरीकों पर बात

Advertisement

यह सम्मेलन फ्रांस, बारबाडोस और भारत द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।

Last Updated- June 21, 2023 | 10:22 PM IST
Finance Minister Nirmala Sitharaman

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को पेरिस रवाना हुईं, जहां वह नए वैश्विक वित्तपोषण समझौते के लिए आयोजित बैठक में भाग लेंगी। यह बैठक अब से 2 दिन तक पेरिस में चलेगी। सीतारमण विभिन्न देशों के प्रमुखों, मंत्रियों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों, वैश्विक वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों, निजी क्षेत्र और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी, जिसमें बहुपक्षीय और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा होगी।

यह सम्मेलन फ्रांस, बारबाडोस और भारत द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मकसद ब्रिटेन वुड्स सिस्टम की जगह नए वैश्विक वित्तपोषण के ढांचे की नींव तैयार करना है, जिससे जैव विविधता के संकट और विकास संबंधी चुनौतियों से निपटा जा सके और टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में सभी देशों की मदद की जा सके।

नए वैश्विक वित्तपोषण समझौते में एक ऐसा ढांचा स्थापित करने की मांग की जा रही है, जो ज्यादा संसाधनों का तेजी से इस्तेमाल करने और संभावित आर्थिक या भू राजनीतिक झटकों से बचाव करने में सक्षम हो। नोउवेआपैक्टफाइनैंसियर डॉट आर्ग के मुताबिक, ‘आने वाले महीनों में मजबूत और ज्यादा कुशल अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था आ सकती है।’

इसमें कहा गया है कि सितंबर के जी20 सम्मेलन और सीओपी 28 सम्मेलन में प्रमुख फैसले लिए जा सकते हैं। इसमें कहा गया है, ‘इस बीच यह काम करने और आम सहमति बनाने के लिए उपयोगी हो सकता है। इस हिसाब से सम्मेलन शुरुआती कदम हो सकती है, जिसमें प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा और संभावित विषयों की पहचान की जा सकती है।’

Advertisement
First Published - June 21, 2023 | 10:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement