facebookmetapixel
विमान हादसे में राकांपा प्रमुख अजित पवार की मौत, चार अन्य लोगों की भी गई जानराष्ट्रपति मुर्मू का बजट सत्र अभिभाषण: देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत, ईयू-एफटीए से रोजगार और विकास को मिलेगी नई रफ्तारमारुति को दमदार बिक्री से मिली रफ्तार, Q3 में मुनाफा 4.1% बढ़ा, नए लेबर कोड का दिखा असरखपत के रुझान स्थिर, मार्जिन में सुधार के आसार; FMCG में ठोस वृद्धि की आस: मैरिकोIndia-EU FTA में बाजार पहुंच की बाधाओं से निपटने के लिए बनेगा स्पेशन ‘रैपिड रिस्पॉन्स मैकेनिज्म’India EU FTA में वाहन आयात पर सख्ती, टैरिफ कोटा का लाभ सिर्फ चुनिंदा यूरोपीय कंपनियों कोCBAM नियमों से संकट में छोटे स्टील निर्यातक, यूरोपीय बंदरगाहों पर माल जब्त; ऑर्डर रद्दIndia-EU FTA के उत्साह से लगातार दूसरे दिन चढ़े बाजार, सेंसेक्स 487 अंक उछलाEU से भारत सिर्फ 50,000 टन सेब का आयात करेगा, किसानों की आय बनी रहेगी सुरक्षितIndia-EU FTA से फुटवियर-लेदर सेक्टर को बूस्ट, भारतीय फुटवियर उद्योग के जमेंगे पांव

स्विट्जरलैंड सरकार ने EFTA-भारत समझौते को संसद भेजा, शीतकालीन सत्र में हो सकती है चर्चा

यदि सार्वजनिक परामर्श में नागरिकों का ई संघ या दल समर्थन में 50,000 हस्ताक्षर प्राप्त कर लेता है तो वह जनमत संग्रह की मांग कर सकता है।

Last Updated- September 05, 2024 | 9:48 PM IST
Switzerland govt submits EFTA-India trade agreement to Parliament स्विस सरकार ने EFTA-भारत समझौते को संसद भेजा, शीतकालीन सत्र में हो सकती है चर्चा

स्विट्जरलैंड सरकार ने भारत-एफ्टा (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) व्यापार समझौते को मंजूरी देने के पहले कदम के तहत इसे अपनी संसद को भेज दिया है। एफ्टा में स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, नार्वे और लिकटेंस्टाइन शामिल हैं।

स्विस सरकार ने बताया, ‘संघीय परिषद ने 4 सितंबर को एफ्टा देशों और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते के बारे में एक प्रेषण को स्वीकार किया है। इस प्रेषण में संघीय परिषद ने समझौते की विषय-वस्तु की सराहना की है तथा उसे भारत के साथ स्विट्जरलैंड के संबंधों के समग्र संदर्भ में रखा है। संसद के शीतकालीन या वसंत सत्र में इस पर चर्चा होने की उम्मीद है।’

संसद की स्वीकृति से पहले इस पर आम और खास लोगों की राय ली जाएगी। इस पर कैंटन, सिविल सोसायटी और कारोबारी समुदाय के लोग राय दे सकेंगे। यदि सार्वजनिक परामर्श में नागरिकों का ई संघ या दल समर्थन में 50,000 हस्ताक्षर प्राप्त कर लेता है तो वह जनमत संग्रह की मांग कर सकता है।

First Published - September 5, 2024 | 9:48 PM IST

संबंधित पोस्ट