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सही दिशा में रहा है रिजर्व बैंक का नीतिगत फैसलाः गोयल

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:40 PM IST

नीतिगत दरों पर फैसला करने वाली भारतीय रिजर्व बैंक की 6 सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बाहरी सदस्य आशिमा गोयल ने कहा कि महंगाई दर पर काबू करने के लिए रिजर्व बैंक का नीतिगत फैसला सही दिशा में रहा है। 
गोयल और अभिषेक कुमार द्वारा संयुक्त रूप से लिखे वर्किंग पेपर ‘महंगाई किससे संचालित? मांग या आपूर्ति’ में तर्क दिया गया है कि महंगाई का झटका अभी भी मुख्य रूप से आपूर्ति की ओर से लगने वाले झटके की वजह से है और यह खाद्य महंगाई के रूप में आती है। महंगाई को लक्षित करने के दौर में इस तरह की महंगाई दर को लेकर केंद्रीय बैंक को प्रतिक्रिया देनी होती है, इससे उत्पादन में स्थायी बदलाव आता है।
लेखकों के मुताबिक महंगाई आपूर्ति में कमी की वजह से आती है, लेकिन यह मध्यावधि के हिसाब से मांग केंद्रित हो जाती है, जब ब्याज दरों में सख्ती की कवायद होती है। इससे घटी आपूर्ति की तुलना में मांग में ज्यादा कमी आ जाती है। उन्होंने कहा, ‘बहुत सख्ती से विश्वसनीयता नहीं सुधरेगी, आपूर्ति में बहुत ज्यादा कमी होने की वजह से मांग में बढ़ोतरी के कारण महंगाई आती है।’

एमपीसी ने मई से अब तक रीपो रेट में 140 आधार अंक की बढ़ोतरी की है, जिससे महंगाई घटी है। महंगाई दर रिजर्व बैंक द्वारा रखे गए 6 प्रतिशत के ऊपरी लक्ष्य से ज्यादा हो गई थी। रिजर्व बैंक ने महंगाई दर का लक्ष्य 4 प्रतिशत रखा है, जिसमें 2 प्रतिशत ऊपर या नीचे हो सकता है। पूर्वी यूरोप में तनाव और वैश्विक रूप से महंगाई बढ़ने के बाद अप्रैल की मौद्रिक नीति में एमपीसी ने दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की, बल्कि एकमत से समावेशी बने रहने का फैसला किया। वहीं समावेशन की वापसी पर ध्यान केंद्रित किया गया जिससे कि आगे चलकर महंगाई लक्ष्य के भीतर बनी रहे, साथ ही वृद्धि को समर्थन मिले।
प्रमुख नीतिगत दरों में कोई बदलाव नही किया गया, बल्कि केंद्रीय बैंक ने कम अवधि की दरें बढ़ाने पर ध्यान दिया। परिणामस्वरूप रिजर्व बैंक ने स्थायी जमा सुविधा प्रदान की। एक महीने बाद  रिजर्व बैंक ने एकमत होकर रीपो रेट में 40 आधार अंक बढ़ोतरी का फैसला किया, जो नियमित बैठक के बगैर किया गया। यह 45 महीनों में रीपो रेट में पहली बढ़ोतरी थी। उसके बाद महंगाई दर पर काबू पाने की कवायदो के लिए कई बैठों के बाद एमपीसी ने रीपो रेट में 2 बार और बढ़ोतरी की।

 

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First Published - September 12, 2022 | 9:47 PM IST

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