भारत की अर्थव्यवस्था में शहरी क्षेत्रों की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। डेटा और एनालिटिक्स कंपनी डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 तक देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद में शहरी भारत की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह आंकड़ा 1990 के दशक में […]
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ व्यापार समझौता कृषि निर्यात को बढ़ावा देगा और कृषि उत्पादों की मांग मजबूत होगी। इससे किसानों को अपनी फसल के बेहतर दाम मिलेंगे और उनकी आमदनी बढ़ने के साथ ही संपन्नता बढ़ेगी। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके हित […]
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कैलेंडर वर्ष 2026 में जनवरी पहले पखवाड़े में अपेक्षाकृत सुस्त रहने के बाद दूसरे पखवाड़े में ऋण वृद्धि में तेजी आई है। 31 जनवरी को समाप्त पखवाड़े में ऋण सालाना आधार पर 14.6 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं इस दौरान जमा में भी मजबूत वृद्धि हुई। इस अवधि के दौरान सालाना आधार पर 12.5 प्रतिशत वृद्धि […]
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CPI Base Year Change: महंगाई को मापने के तरीके में बड़ा बदलाव हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि नई गणना के बाद भी महंगाई काबू में दिख रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI का बेस ईयर बदला गया है, ताकि लोगों के बदलते खर्च के पैटर्न को […]
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भारतीय रिजर्व बैंक ने ऋण वसूली प्रक्रिया के दौरान उधारकर्ताओं के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैंकों और उनके रिकवरी एजेंटों द्वारा जबरदस्ती किए जाने के चलन पर रोक लगाने वाले मसौदा दिशानिर्देशों का प्रस्ताव रखा है। मसौदा नियमों में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि उधारकर्ताओं के लिए अपमानजनक या […]
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भारत ने अपने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की आज नई श्रृंखला जारी की जो खुदरा महंगाई को मापने वाला पैमाना है। वर्ष 2024 के आधार वर्ष के साथ जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की नई श्रृंखला के तहत जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति 2.75 फीसदी रही। नई श्रृंखला में ज्यादा सामान और सेवाएं शामिल हैं और […]
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारत को भी अमेरिकी धागे और कपास से बने कपड़ों पर शुल्क में उसी तरह की छूट हासिल होगी, जैसी बांग्लादेश को मिली है। बांग्लादेश ने इसी हफ्ते अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया है। अमेरिका के साथ भारत […]
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जिन वस्तुओं की कीमतों में अक्सर उतार-चढ़ाव होता रहता है मसलन खाद्य पदार्थ एवं तेल, उन्हें 2024 की नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रृंखला में पहले के दो आधार वर्षों की तुलना में कम महत्त्व (भार) दिया गया है इस कारण पूरा जोर मुख्य महंगाई पर है। अब पहले की तुलना में शहरी क्षेत्रों को […]
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भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणव सेन ने असित रंजन मिश्र के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में नई सीपीआई श्रृंखला पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पीडीएस वस्तुओं को सीपीआई से बाहर रखना सही है क्योंकि मुफ्त चीजें आय नहीं, उपभोग बढ़ाती हैं। इनको शामिल करने से दोहरी गणना होगी। बातचीत के […]
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उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की नई श्रृंखला के जारी होने के बाद अर्थशास्त्रियों को नीतिगत रीपो रेट में लंबे समय तक ठहराव की उम्मीद है। इससे महंगाई बढ़ने के रुझान के संकेत मिलते हैं और निकट अवधि के अनुमानों में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कोई बदलाव फिर किए जाने की संभावना कम हो गई है। […]
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