कैलेंडर वर्ष 2026 में जनवरी पहले पखवाड़े में अपेक्षाकृत सुस्त रहने के बाद दूसरे पखवाड़े में ऋण वृद्धि में तेजी आई है। 31 जनवरी को समाप्त पखवाड़े में ऋण सालाना आधार पर 14.6 प्रतिशत बढ़ा है।
वहीं इस दौरान जमा में भी मजबूत वृद्धि हुई। इस अवधि के दौरान सालाना आधार पर 12.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक अर्थव्यवस्था में बैंक ऋण 204.75 लाख करोड़ रुपये, जबकि जमा 248.81 लाख करोड़ रुपये है। इस पखवाड़े के दौरान ऋण 3.41 लाख करोड़ रुपये या 1.7 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि जमा 3.82 लाख करोड़ रुपये या 1.6 प्रतिशत बढ़ा है।
2026 के पहले पखवाड़े (15 जनवरी को समाप्त) के दौरान बैंक ऋण में वृद्धि सालाना आधार पर सुस्त होकर 13.1 प्रतिशत रह गई थी, जबकि इसी दौरान जमा वृद्धि सुस्त होकर 10.6 प्रतिशत रह गई। पखवाड़े के दौरान ऋण घटकर 1.88 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि जमा घटकर 3.57 लाख करोड़ रुपये रहा। कैलेंडर वर्ष 2025 के अंतिम पखवाड़े (31 दिसंबर को समाप्त) में बैंकिंग ऋण सालाना आधार पर 14.5 प्रतिशत बढ़ा था और जमा 12.7 प्रतिशत बढ़ा था।