facebookmetapixel
52% चढ़ सकता है, Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का बड़ा अपडेट; Q3 में 73% उछल गया मुनाफाGold and Silver Price Today: सोने की कीमतों में नरमी, चांदी में बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआतरूस से दूरी, पश्चिम एशिया से नजदीकी: भारतीय तेल आयात में बड़ा बदलावबैंकों का भरोसा बढ़ा, वाणिज्यिक क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेशअगली पीढ़ी की वायु शक्ति के लिए रणनीतिक साझेदारी का सही समय: वायु सेना प्रमुखNRI धन में तेज गिरावट, क्या रुपये की चिंता वजह है?भारत की वित्तीय ताकत बढ़ी! RBI के आंकड़ों ने दिखाई बड़ी तस्वीरभारत की ग्रोथ स्टोरी को रफ्तार दे रहे 40 वर्ष से कम उम्र के उद्यमी, 31 लाख करोड़ रुपये के उद्यमों की कमाननवंबर में क्यों सूख गया विदेश भेजा जाने वाला पैसा? RBI डेटा ने खोली परतप्रत्यक्ष विदेशी निवेश में कमी

Q3 में भारत की GDP वृद्धि दर 6.4% तक पहुंचने की संभावना: सर्वे

सरकारी पूंजीगत खर्च, औद्योगिक उत्पादन और ग्रामीण मांग में सुधार से GDP वृद्धि को मिलेगी रफ्तार, 28 फरवरी को आएंगे आधिकारिक आंकड़े

Last Updated- February 18, 2025 | 10:15 PM IST
GDP

ग्रामीण मांग में सुधार, केंद्र सरकार का पूंजीगत खर्च बढ़ने और औद्योगिक उत्पादन में तेजी से चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सुधरकर 6.4 फीसदी हो सकती है। 12 अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण में यह अनुमान लगाया गया है। सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि घटकर 5.4 फीसदी रह गई थी जो सात तिमाही में सबसे कम थी। निवेश मांग कम होने और औद्योगिक उत्पादन में गिरावट के कारण वृद्धि दर में नरमी आई थी।

एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है जबकि एलऐंडटी के अनुसार यह 6.7 फीसदी रह सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 6.2 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। सांख्यिकी मंत्रालय 28 फरवरी को वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के जीडीपी वृद्धि के आंकड़े जारी करेगा। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि का दूसरा अग्रिम अनुमान भी जारी किया जाएगा। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सरकार के पूंजीगत और राजस्व खर्च में तेजी, सेवाओं का निर्यात बढ़ने, निर्यात में सुधार और खरीफ की अच्छी पैदावार से अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद है।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘शहरी मांग कमजोर रहने के बावजूद त्योहारों के दौरान उपभोक्ता उत्पाद से जुड़े क्षेत्रों में अच्छी मांग देखी गई। खनन और बिजली उत्पादन में भी सुधार हुआ है।’तीसरी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 3.96 फीसदी बढ़ा जो दूसरी तिमाही में 2.73 फीसदी बढ़ा था। आईडीएफसी बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता ने कहा कि लगातार तीन तिमाही तक गिरावट के बाद वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में गैर-वित्तीय कंपनियों की शुद्ध मुनाफा वृद्धि सकारात्मक रही है।

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार के पूंजीगत खर्च बढ़ने और ग्रामीण मांग में सुधार से अर्थव्यवस्था को बल मिला है। शहरी मांग में भी सुधार के संकेत दिख रहे हैं मगर यह अभी भी ग्रामीण मांग की तुलना में नरम है।’मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि ग्रामीण मांग में तेजी जारी रहेगी।

First Published - February 18, 2025 | 10:15 PM IST

संबंधित पोस्ट