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एनएफटी पर आएंगे दिशानिर्देश!

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Last Updated- December 11, 2022 | 6:35 PM IST

अग्रिम कर भुगतान की पहली देय तिथि 15 जून से पहले सरकार इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर सकती है कि आभासी डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीए) के दायरे में क्या-क्या शामिल किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी रखने वाले सरकारी अधिकारियों ने कहा कि परिसंपत्ति धारकों के लिए हालिया तैयार की गई कर की रूपरेखा में किसी भी संशय को दूर करने के लिए फिलहाल केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) दिशानिर्देश तैयार कर रहा है।
यह प्रत्यक्ष कर का यह शीर्ष निकाय नॉन-फंजिबल टोकन (एनएफटी) को परिभाषित करेगा और बताएगा कि वे वीडीए के दायरे में आते हैं या नहीं। यह इस क्षेत्र में अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए एनएफटी मूल्यांकन के आधार को भी स्पष्ट कर सकता है। एनएफटी ब्लॉकचेन पर मौजूद डिजिटल परिसंपत्ति होती है, जिसे कोई भी इसकी प्रामाणिकता और स्वामित्व को सत्यापित कर सकता है। वीडीए की परिभाषा में एनएफटी या इसी प्रकार की प्रकृति का कोई अन्य टोकन शामिल होता है। इसे चाहे किसी भी नाम से जाना जाए।
हाल ही में एनएफटी को लेकर वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के कारण इनके मूल्यांकन में तेज गिरावट देखी गई थी।
इसके अलावा बोर्ड यह भी स्पष्ट करेगा कि डिजिटल रूप में दिए गए/रिडीम किए गए क्रेडिट कार्ड/लॉयल्टी पॉइंट, जिनका अंतर्निहित मूल्य हो, को आभासी परिसंपत्ति के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए या बाहर रखा जाना चाहिए। डिजिटल परिसंपत्ति की मौजूदा परिभाषा बहुत व्यापक है और इसमें ऐसे लेनदेन शामिल हो सकते हैं, अलबत्ता इसमें शायद वीडीए विनियमन का अपेक्षित उद्देश्य न हो।
इन दिशानिर्देशों से संभवत: यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि एक प्रतिशत कर (स्रोत पर कर कटौती) की गणना कैसे की जाएगी और विदेशी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के मामले में क्या कार्य प्रणाली होगी। क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन पर निगरानी के लिए एक प्रतिशत टीडीएस शुरू किया गया है, जो 1 जुलाई से प्रभावी है और सरकार ने अब तक उनकी गणना के नियमों को अधिसूचित नहीं किया है। क्रिप्टोकरेंसी कारोबार के संबंध में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) पर भी स्पष्टीकरण हो सकता है। वर्तमान में केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों पर किए गए लेनदेन की लागत पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाती है।एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि आभासी परिसंपत्ति की परिभाषा और उनके कार्यान्वयन पर स्पष्टता की दरकार वाले  वाले कई प्रमुख मसले हैं।

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First Published - May 31, 2022 | 12:28 AM IST

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