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GST Rate Rationalisation: मंत्रिसमूह ने 12% ‘स्लैब’ में कटौती पर की चर्चा, 20 अक्टूबर को होगी अगली बैठक

साइकिल पर कर लगाने के बारे में पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने कहा कि यह आम आदमी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु है, जबकि उच्च-स्तरीय उत्पाद भी हैं।

Last Updated- September 26, 2024 | 1:37 PM IST
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पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने गुरुवार को कहा कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह ने 100 से अधिक वस्तुओं पर कर की दरों में बदलाव पर चर्चा की है।

उन्होंने बताया कि आम आदमी को राहत देने के लिए कुछ वस्तुओं पर कर की दर को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का मुद्दा भी इसमें शामिल है।

भट्टाचार्य ने कहा कि मंत्री समूह की अगली बैठक 20 अक्टूबर को होगी। साइकिल और बोतलबंद पानी पर कर को तर्कसंगत बनाने पर भी चर्चा की जाएगी। छह सदस्यीय मंत्रिसमूह (GOM) ने बुधवार को बैठक की और 12 प्रतिशत ‘स्लैब’ में चिकित्सा तथा औषधि से संबंधित वस्तुओं पर कर दर में कटौती का मुद्दा भी उठाया तथा अगले महीने होने वाली अपनी बैठक में इस पर चर्चा करने का निर्णय लिया है।

ऐसी वस्तुओं पर कर की दर कम करने के कारण होने वाली राजस्व हानि की भरपाई के लिए, मंत्री समूह ने ‘ऐराटिड’ जल व पेय पदार्थों सहित कुछ वस्तुओं पर कर की दर को वर्तमान 28 प्रतिशत जीएसटी तथा उपकर से बढ़ाने की संभावना पर भी चर्चा की।

वर्तमान में, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) एक चार-स्तरीय कर संरचना है। इसमें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की ‘स्लैब’ हैं। हालांकि, जीएसटी कानून के तहत वस्तुओं तथा सेवाओं पर 40 प्रतिशत तक का कर लगाया जा सकता है।

भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ जीएसटी के तहत औसत कर की दर 2024 में घटकर 11.56 प्रतिशत हो गई है। पश्चिम बंगाल ने सुझाव दिया कि जीएसटी परिषद की 23वीं बैठक में लिए गए निर्णय पर फिर से विचार किया जाना चाहिए जिसमें 28 प्रतिशत के ‘स्लैब’ को हटाकर 178 वस्तुओं पर कर की दरें घटाई गई थीं। इससे अधिक राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी और साथ ही वस्तुओं पर कर की दर को घटाकर पांच प्रतिशत पर लाकर आम आदमी को राहत मिलेगी।’’

मंत्री समूह 20 अक्टूबर की बैठक में अपने सदस्यों के विचारों पर आगे विमर्श करेगा और अपनी सिफारिशें जीएसटी परिषद के समक्ष रखेगा। जीएसटी परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करेंगी तथा जिसमें सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि आम आदमी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं पर कर की दरें कम होनी चाहिए तथा खाद्य वस्तुओं को 12 प्रतिशत की दर से पांच प्रतिशत की दर पर लाने से कीमतों में कमी के रूप में उन्हें राहत मिलेगी। हालांकि, 18 प्रतिशत ‘स्लैब’ में शामिल कुछ वस्तुएं जैसे हेयर (बाल) ड्रायर, हेयर कर्लर, तथा सौंदर्य या मेक-अप (प्रसाधन) उत्पाद फिर से 28 प्रतिशत ‘स्लैब’ में आ सकते हैं।

साइकिल पर कर लगाने के बारे में पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने कहा कि यह आम आदमी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु है, जबकि उच्च-स्तरीय उत्पाद भी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें आम लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली साइकिल के लिए कर की दर कम करने पर विचार करना होगा। मंत्री समूह इस पर आगे विचार-विमर्श करेगा।’’ साइकिल और उसके कलपुर्जों तथा अन्य उपकरणों पर वर्तमान में 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जबकि ई-साइकिल पर पांच प्रतिशत कर है।

छह सदस्यीय मंत्री समूह में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्थान के स्वास्थ्य सेवा मंत्री गजेंद्र सिंह, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्ण बायर गौड़ा और केरल के वित्त मंत्री के एन. बालगोपाल शामिल हैं।

First Published - September 26, 2024 | 1:37 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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