facebookmetapixel
5 साल में 165% से अधिक का रिटर्न देने वाली PSU देने जा रही है डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेसीमेंट कंपनियों को दूसरी छमाही में तेजी की उम्मीद, घर बनाने वालों और सरकारी खर्च पर सबकी नजरUpcoming IPO: दिसंबर-जनवरी में IPO का मेगा सीजन, ₹40000 करोड़ जुटाने की तैयारीMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में RBI के रेट फैसले और वैश्विक रुझान रहेंगे मुख्य ड्राइवरMCap: सात बड़ी कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा ₹96,201 करोड़, RIL और बजाज फाइनेंस चमकेIndiGo के सभी A320 विमानों में एयरबस सिस्टम अपडेट पूरा, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चितTrain Ticket Booking: 1 दिसंबर से बदल रहा है तत्काल टिकट का सिस्टम, OTP के बिना टिकट नहीं मिलेगाAI अब दिखाएगा Ads! ChatGPT के नए फीचर को लेकर बड़ा खुलासाइतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक तबाही शुरू हो चुकी है….‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक ने लोगों को क्यों चेताया?ट्रंप का ऐलान: वेनेजुएला के ऊपर पूरा एयरस्पेस बंद, अमेरिका की सैन्य हलचल तेज

Fitch Ratings का अनुमान, FY26 में 6.5% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ

फिच रेटिंग्स ने आकलन है कि बजट मोटे तौर पर ग्रोथ के लिए न्यूट्रल होगा। अगले दो फाइनैंशियल वर्षों में कैपेक्स में तेजी आने की उम्मीद है।

Last Updated- March 19, 2025 | 3:36 PM IST
Fitch
Representational Image

फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने मार्च ग्लोबल इकोनॉमी आउटलुक रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 के लिए ग्रोथ अनुमान को 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 6.3 फीसदी कर दिया है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि हालांकि अमेरिका की ज्यादा आक्रामक ट्रेड पॉलिसी इसके पूर्वानुमान के लिए “एक बड़ा जोखिम” हैं, लेकिन बाहरी डिमांड पर कम निर्भरता को देखते हुए भारत कुछ हद तक अप्रभावित है।

ग्लोबल इकोनॉमी आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में टैक्स फ्री इनकम अलाउंसेस में बढ़ोतरी और रिवाइज्ड टैक्स स्लैब, पोस्ट टैक्स इनकम में इजाफा करेंगे। इससे कंज्यूमर स्पेडिंग को बूस्ट मिलेगा। हालांकि यह साल के मुकाबले रफ्तार धीमी रह सकती है।

फिच रेटिंग्स ने आकलन है कि बजट मोटे तौर पर ग्रोथ के लिए न्यूट्रल होगा। अगले दो फाइनैंशियल वर्षों में कैपेक्स में तेजी आने की उम्मीद है।

फिच का कहना है, “कारोबारी भरोसा हाई बना हुआ है और लेंडिंग सर्वे प्राइवेट सेक्टर को बैंक लेडिंग में लगातार डबल डिजिट ग्रोथ की ओर इशारा करता है। ये फैक्टर्स, कैपिटल कॉस्ट में कमी के साथ मिलकर FY26 और FY27 के लिए कैपेक्स में तेजी का अनुमान जता रहे हैं।”

इकनॉमिक सर्वे ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.3-6.8 फीसदी रखा है। आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, मौजूदा फाइनैंशियल वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 6.5 फीसदी रहेगी। देश की रीयल जीडीपी ग्रोथ जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही में 5.4 फीसदी तक धीमी हो गई, जो अगली तिमाही में 6.2 फीसदी पर पहुंच गई।

फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के महीनों में उपभोक्ताओं के भरोसे में कमी आई है, और वाहनों की बिक्री में काफी गिरावट आई है। इसमें कहा गया है कि कम महंगाई रीयल आय को बढ़ावा देगी, और श्रम बाजार संकेतक, आधिकारिक डेटा और पीएमआई सर्वेक्षण डेटा दोनों से, स्थिर रोजगार ग्रोथ और बढ़ी हुई भागीदारी की ओर इशारा करते हैं।

पॉलिसी रेट में दो और कटौती की उम्मीद

रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि इस कैलेंडर वर्ष में पॉलिसी रेट में दो और कटौती होगी, जिसे दिसंबर 2025 तक रिवाइज्ड कर 5.75 फीसदी कर दिया जाएगा। आरबीआई ने फरवरी की शुरुआत में रीपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर 6.25 फीसदी किया था।

रिपोर्ट में कहा गया है, “आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों की गतिशीलता से हेडलाइन महंगाई दर में धीरे-धीरे गिरावट आएगी और 2025 के अंत तक यह 4 फीसदी तक आ जाएगी और फिर हमें दिसंबर 2026 तक महंगाई में मामूली ग्रोथ होकर 4.3 फीसदी होने की उम्मीद है।” पिछले हफ्ते, मूडीज रेटिंग्स ने अगले फाइनैंशियल वर्ष के लिए भारत के इकनॉमिक विकास के अनुमान को बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया, जो इस साल 6.3 फीसदी थी।

First Published - March 19, 2025 | 3:36 PM IST

संबंधित पोस्ट