facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

Export in June: निर्यात 22 फीसदी घटा व्यापार घाटा भी कम

वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून में व्यापार घाटा 20.13 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल जून में 22.06 अरब डॉलर था।

Last Updated- July 14, 2023 | 11:42 PM IST
कम शुल्क दर से बढ़ेगा निर्यातExports will increase due to lower duty rate

विकसित देशों में आर्थिक नरमी और ऊंची महंगाई के कारण मांग घटने से जून में देश से केवल 32.97 अरब डॉलर की वस्तुओं का निर्यात हुआ, जो साल भर पहले के मुकाबले 22 फीसदी कम है।

इस गिरावट का कारण पिछले साल जून में निर्यात बहुत अधिक रहना बताया जा रहा है मगर मई, 2020 में 35 फीसदी कमी के बाद यह सबसे अधिक गिरावट है।

पिछले महीने वस्तु आयात भी 17 फीसदी कम होकर 53.1 अरब डॉलर रहा, जो सितंबर 2020 के बाद सबसे कम है। इसी साल मई के मुकाबले जून में आयात 7 फीसदी घटा है, जिससे पता चलता है कि जिंसों के दाम घटने से आयात में कमी आई है।

व्यापार घाटा भी कम हुआ

निर्यात और आयात में तेज गिरावट से देश का व्यापार घाटा भी कम हुआ है। वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून में व्यापार घाटा 20.13 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल जून में 22.06 अरब डॉलर था। वाणिज्य सचिव सुनील बड़थ्वाल ने कहा कि निर्यात में गिरावट के कई कारण हैं।

उत्तर अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नरमी से निर्यात प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया मंदी और मुद्रास्फीति से जूझ रही है, जिसका असर विनिर्माण गतिविधियों पर पड़ रहा है और निर्यात भी प्रभावित हो रहा है।

बड़थ्वाल ने बताया कि निर्यातकों को जुलाई-सितंबर तिमाही से निर्यात में सुधार आने और नए आर्डरों की वजह से पिछला स्टॉक निकलने की उम्मीद है।

जून में 30 क्षेत्रों में से 21 के उत्पादों का निर्यात घटा। पेट्रालियम उत्पादों के निर्यात में 47.51 फीसदी, रत्नाभूषण में 35.6 फीसदी, इंजीनियरिंग वस्तुओं में 10.99 फीसदी और सूती धागे के निर्यात में 1.21 फीसदी की गिरावट आई। मगर इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं (45.36 फीसदी), दवाओं (5.13 फीसदी) और हथकरघा उत्पादों (5.14) का निर्यात बढ़ गया।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘अधिकतर उप-समूहों के उत्पादों का निर्यात पिछले साल जून की तुलना में घटा है, जिससे पता चलता है कि मांग कमजोर है और जिंसों की कीमतें कम हैं। निर्यात में आधी गिरावट तो पेट्रोलियम उत्पादों के कारण ही आई।’

करीब एक साल तक गिरावट के बाद जून में सोने का आयात 82.38 फीसदी बढ़कर 4.99 अरब डॉलर रहा। भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्द्धन परिषद के चेयरमैन अरुण कुमार गरोड़िया ने कहा कि प्रमुख बाजारों में मांग कम होने की वजह से इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात घटा है।

First Published - July 14, 2023 | 11:42 PM IST

संबंधित पोस्ट