facebookmetapixel
Advertisement
Swiggy, Zomato: पेट्रोल महंगा होते ही डिलीवरी कंपनियों का बिगड़ा गणित, जानिए किसे ज्यादा नुकसानऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों का बड़ा ऐलान, 20 मई को देशभर में हड़तालUIDAI का बड़ा फैसला! नया Aadhaar App देगा फुल प्राइवेसी कंट्रोल, पुराना ऐप होगा बंद; जानें डीटेलConsumption Stocks: पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही कंपनियों ने बढ़ाने शुरू किए दाम, क्या अब और बढ़ेगी मुश्किल?बैटरी कारोबार में Reliance और Adani दोनों की नजर, चीन की कंपनियां क्यों बनीं अहम?Vodafone Idea: ₹35,000 करोड़ जुटाने के प्लान से 52 वीक हाई पर स्टॉक, आगे खरीदें, बेचें या होल्ड करें?Q4 के बाद PSU Power Stock पर तीन बड़े ब्रोकरेज की राय, क्यों नहीं दिख रहा बड़ा अपसाइड?Q4 Results Today: BEL, BPCL, Mankind Pharma समेत 120 कंपनियां आज जारी करेंगी नतीजेGold, Silver Price Today: सोने की कीमत में उछाल, चांदी के भाव पड़े नरम; चेक करें आज का भावUS-Iran War: ईरान पर हमला टला! ट्रंप का बड़ा फैसला, गल्फ देशों की अपील के बाद रोकी स्ट्राइक योजना

ADB ने घटाया भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान

Advertisement

शुल्क और वैश्विक अनिश्चितता को बताया बड़ा कारण, 2025-26 के लिए 6.7% ग्रोथ का पूर्वानुमान

Last Updated- April 09, 2025 | 10:59 PM IST
Asian Development Bank

एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने अप्रैल 2025 की अपनी ताजा रिपोर्ट में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि दर का अनुमान घटाकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.7 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले 7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत और अन्य देशों पर लगाए गए अमेरिकी शुल्क से निर्यात को जोखिम है। इसकी वजह से व्यापार और निवेश के प्रवाह में कमी आ सकती है और इससे घरेलू वित्त बाजार में उतार चढ़ाव आ सकता है।’एडीबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण भारत में चल रही निवेश परियोजनाओं के पूरा होने पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि एडीबी ने रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने से यह जोखिम खत्म हो सकता है, जिस पर बातचीत चल रही है। भारत का अमेरिका को वस्तु निर्यात तुलनात्मक रूप से कम, जीडीपी का 2 प्रतिशत है। एडीबी ने कहा है कि अनुकूल मौद्रिक और राजकोषीय नीति, ग्रामीम इलाकों में आमदनी बढ़ने, महंगाई दर में कमी से भारत की वृद्धि को समर्थन मिल सकता है।

एडीबी के अप्रैल संस्करण की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रह सकती है। मौसम की प्रतिकूल स्थिति के साथ खाद्य महंगाई दर की चुनौती का समाधान भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। इसके बारे में एडीबी ने कहा है कि यह कृषि परिदृश्य के हिसाब से जोखिम भरा हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मांग और आपूर्ति के बीच ढांचागत अंतर से खाद्य महंगाई दर बढ़ सकती है, जब तक कि खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने वाली नीतियां लागू नहीं की जाती हैं। उधर मूडीज रेटिंग्स ने कहा कि नए घोषित शुल्क से वैश्विक व्यापार की गतिशीलता पर असर पड़ सकता है।

Advertisement
First Published - April 9, 2025 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement