facebookmetapixel
Advertisement
क्रेडिट कार्ड बंद करने की सोच रहे हैं? कही जेब पर भारी न पड़ जाए ‘प्लास्टिक मनी’ से दूरी का यह फैसला!South India में मजदूरों की भारी किल्लत: कंपनियां दे रही हैं फ्री फ्लाइट और तगड़ा सैलरी हाइक!अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है यह कंपनी, निवेशकों को 1 के बदले मिलेंगे 2 शेयर‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावापेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बेहाल, 5 घंटे काम बंद रखकर जताएंगे विरोधNPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्मआसमान में भारत की ताकत बढ़ाने की जरूरत, वायुसेना ने ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन कार्यक्रम को तेज करने पर दिया जोर

ADB ने घटाया भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान

Advertisement

शुल्क और वैश्विक अनिश्चितता को बताया बड़ा कारण, 2025-26 के लिए 6.7% ग्रोथ का पूर्वानुमान

Last Updated- April 09, 2025 | 10:59 PM IST
Asian Development Bank

एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने अप्रैल 2025 की अपनी ताजा रिपोर्ट में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि दर का अनुमान घटाकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.7 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले 7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत और अन्य देशों पर लगाए गए अमेरिकी शुल्क से निर्यात को जोखिम है। इसकी वजह से व्यापार और निवेश के प्रवाह में कमी आ सकती है और इससे घरेलू वित्त बाजार में उतार चढ़ाव आ सकता है।’एडीबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण भारत में चल रही निवेश परियोजनाओं के पूरा होने पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि एडीबी ने रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने से यह जोखिम खत्म हो सकता है, जिस पर बातचीत चल रही है। भारत का अमेरिका को वस्तु निर्यात तुलनात्मक रूप से कम, जीडीपी का 2 प्रतिशत है। एडीबी ने कहा है कि अनुकूल मौद्रिक और राजकोषीय नीति, ग्रामीम इलाकों में आमदनी बढ़ने, महंगाई दर में कमी से भारत की वृद्धि को समर्थन मिल सकता है।

एडीबी के अप्रैल संस्करण की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रह सकती है। मौसम की प्रतिकूल स्थिति के साथ खाद्य महंगाई दर की चुनौती का समाधान भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। इसके बारे में एडीबी ने कहा है कि यह कृषि परिदृश्य के हिसाब से जोखिम भरा हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मांग और आपूर्ति के बीच ढांचागत अंतर से खाद्य महंगाई दर बढ़ सकती है, जब तक कि खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने वाली नीतियां लागू नहीं की जाती हैं। उधर मूडीज रेटिंग्स ने कहा कि नए घोषित शुल्क से वैश्विक व्यापार की गतिशीलता पर असर पड़ सकता है।

Advertisement
First Published - April 9, 2025 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement