Market Access Support Scheme for Exporters: सरकार ने निर्यातकों को दुनियाभर के बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाने के इरादे से बुधवार को 4,531 करोड़ रुपये की बाजार पहुंच समर्थन योजना शुरू की। इसके तहत निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों और खरीदारों से सीधे संपर्क से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय निर्यातक अमेरिका द्वारा लगाए गए लगभग 50 फीसदी आयात शुल्क के कारण दबाव में हैं। यह योजना सरकार के 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन का हिस्सा है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, वर्ष 2025 से 2031 के बीच इस योजना पर 4,531 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किए गए हैं।
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विदेश व्यापार महानिदेशक अजय भादू ने कहा कि योजना के तहत खरीदारों और विक्रेताओं की बैठक, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और विदेशी खरीदारों के भारत आकर स्थानीय निर्यातकों से सीधे बातचीत करने वाले आयोजनों के लिए संगठित वित्तीय और संस्थागत सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्यातकों को बेहतर योजना बनाने में मदद के लिए प्रमुख बाजार पहुंच कार्यक्रमों का तीन से पांच वर्ष का अग्रिम कार्यक्रम पहले ही मंजूर किया जाएगा। इससे बाजार विकास के प्रयासों में निरंतरता बनी रहेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि समर्थित कार्यक्रमों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की कम-से-कम 35 फीसदी भागीदारी अनिवार्य होगी। इसके साथ नए देशों और छोटे बाजारों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि निर्यात के अवसर बढ़ाए जा सकें। योजना के तहत प्रतिनिधिमंडल में न्यूनतम 50 प्रतिभागियों का मानक रखा गया है। इसके अलावा, जिन छोटे निर्यातकों का पिछले वर्ष का निर्यात कारोबार 75 लाख रुपये तक रहा है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने के लिए आंशिक हवाई किराया सहायता भी दी जाएगी।
(PTI इनपुट के साथ)