facebookmetapixel
अजित पवार का राजनीतिक सफर: 1991 में पहली बार जीता लोकसभा चुनाव, समर्थकों में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रियIndia-EU ट्रेड डील पर मार्केट का मिक्स्ड रिएक्शन! ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?Budget Expectations: बजट में बड़ा ऐलान नहीं, फिर भी बाजार क्यों टिका है इन सेक्टरों परBudget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा – सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है सरकारShadowfax Tech IPO Listing: निवेशकों को झटका, 9% डिस्काउंट के साथ 113 रुपये पर लिस्ट हुए शेयरAsian paints share: कमजोर नतीजों से ब्रोकरेज निराश, रेटिंग और टारगेट डाउनग्रेड; निवेशकों के लिए क्या संकेत?Auto Sector: CV से लेकर टू व्हीलर तक बूम का अनुमान, नुवामा के टॉप पिक में ये 3 स्टॉक सबसे आगेविमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत, पीएम मोदी ने असमय निधन पर जताया दुखGold, Silver Price Today: सारे रिकॉर्ड टूटे, सोना ₹1.62 लाख और चांदी ₹3.77 लाख के पारकंपनियां बॉन्ड छोड़ बैंकों की ओर क्यों लौटीं? SBI रिसर्च की रिपोर्ट में जानें

Vedanta को SAT से मिली बड़ी राहत, केयर्न इंडिया बायबैक मामले में कंपनी के पक्ष में फैसला

वेदांता समूह की कंपनी केयर्न ने ऐलान किया था कि वो ओपन मार्केट से 17 करोड़ शेयरों की खरीद करेगी। ये खरीद 335 रुपये प्रति शेयर पर होने की घोषणा की गई थी

Last Updated- October 06, 2023 | 10:02 AM IST
vedanta share price

रीस्ट्रक्चरिंग के बाग Vedanta समूह के लिए एक अच्छी खबर है। कंपनी को केयर्न इंडिया बायबैक मामले में सिक्योरिटी अपीलेट ट्राइब्यूनल (SAT) से राहत मिली है। गुरुवार को सैट ने बायबैक मसले पर सेबी के आदेश के खिलाफ, कंपनी के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है। सेबी ने कंपनी के खिलाफ अपना फैसला देते हुए कहा था कि बायबैक ऑफर को लेकर गलत जानकारी दी गई थी, कंपनी पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। बता दें, केयर्न वेदांता ग्रुप की कंपनी है।

क्या है पूरा मामला

मामला जनवरी 2014 का है जब वेदांता समूह की कंपनी केयर्न ने ऐलान किया था कि वो ओपन मार्केट से 17 करोड़ शेयरों की खरीद करेगी। ये खरीद 335 रुपये प्रति शेयर पर होने की घोषणा की गई थी। साथ ही इसके लिए अधिकतम 5725 करोड़ रुपये की खरीद तय की गई थी।

इस बायबैक के लिए जनवरी 2014 से जुलाई 2014 के बीच का समय तय किया गया था। हालांकि Vedanta ने योजना के आधे से भी कम शेयरों की खरीद की थी। दरअसल स्टॉक में गिरावट के बाद निवेशकों के लिए ऑफर फायदे का नहीं रह गया था।

ये भी पढ़ें- Vedanta अपने कारोबार को 6 फर्मों में बांटेगी, पुनर्गठन की कर रही तैयारी

सेबी ने कंपनी के खिलाफ की जांच

इसी मामले में सेबी ने जांच की थी और कहा था कि केयर्न ने खरीद के ऑर्डर तब ही दिए जब कीमतें नीचे आई। तब नहीं जब कीमतें ऊपरी स्तर पर थी। यानि कि इसका मतलब ये हुआ कि कंपनी बायबैक करना ही नहीं चाहती थी।

सेबी ने जांच में पाया कि Vedanta ने 24 दिन तक खरीद का कोई ऑर्डर नहीं दिया। वहीं 15 दिन की अवधि में सिर्फ 5000 शेयर का ऑर्डर दिया गया। ये वो अवधि थी जब भाव निवेशकों के लिए फायदेमंद थे।

ये भी पढ़ें-  Vedanta Resources को कर्ज चुकाने के लिए परिसंपत्ति या हिस्सेदारी बेचने की जरूरत

Vedanta पर लगा था 5 करोड़ का जुर्माना

इसी पूरे मामले में सेबी ने वेदांता पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था साथ ही कंपनी पर नियम तोड़ने के लिए अलग से 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इतना ही नहीं उस दौरान कंपनी के जो अधिकारी थे उन पर भी जुर्माना लगा था।

कंपनी ने SAT में सेबी के फैसले के खिलाफ अपील की थी और अब सैट ने कंपनी के पक्ष में अपना फैसला दिया है।

First Published - October 6, 2023 | 9:56 AM IST

संबंधित पोस्ट