facebookmetapixel
Advertisement
बदल रही निवेश की आदतें, अब बाजार में घरेलू बचत का बड़ा हिस्साWest Asia Crisis: ईरान में फंसे भारतीयों के लिए अलर्ट! दूतावास ने कहा- तुरंत छोड़ें देश, हालात बेहद तनावपूर्णBrent Crude: FY27 में महंगा रह सकता है कच्चा तेल, ब्रोकरेज ने बढ़ाया अनुमानPLI, PM MITRA और FTA का तिहरा फायदा! इन टेक्सटाइल शेयरों पर 42% तक अपसाइड का अनुमान3 दिन में 15% टूटा शेयर, Rajesh Exports को लेकर क्यों बढ़ी निवेशकों की चिंता?Aadhaar-PAN Rule: मरने के बाद Aadhaar और PAN कार्ड का क्या होता है? ज्यादातर लोग नहीं जानते ये अहम बातHAL, BEL: ₹70,000 करोड़ की पनडुब्बी डील से चमकेंगे डिफेंस शेयर? ब्रोकरेज ने चुने ये 4 पसंदीदा स्टॉक्सपश्चिम एशिया तनाव ने बिगाड़ा बाजार का मूड! इन 5 वजहों से एक दिन में डूब गए लाखों करोड़ रुपयेगांव से शहर तक खरीदारी की बहार, मई में ऑटो बिक्री 25 लाख के पारWipro Share: बायबैक की रिकॉर्ड डेट बीती, अब Wipro शेयर में क्यों बढ़ा दबाव?

टॉरंट ने जीती रिलायंस कैपिटल की दौड़

Advertisement
Last Updated- December 22, 2022 | 12:04 AM IST
reliance

अहमदाबाद की टॉरंट ने आज हुई नीलामी में पूरी कंपनी के लिए 8,640 करोड़ रुपये की पेशकश करके रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण करने की दौड़ जीत ली है। यह पेशकश टॉरंट समूह की प्रवर्तक कंपनियों द्वारा की गई थी। बैंकिंग सूत्रों ने कहा कि हिंदुजा समूह ने भी आज अयोजित नीलामी में हिस्सा लिया, लेकिन करीब 500 करोड़ रुपये की कम पेशकश से वह दौड़ में हार गई। ऑस्मिया-पीरामल और अमेरिकी वित्तीय दिग्गज ओकट्री ने दौड़ में हिस्सा नहीं लिया।

इस तरह टॉरंट, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करते हुए सामान्य बीमा क्षेत्र में प्रवेश करेगी और रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। टोरेंट फार्मास्युटिकल टोरेंट ग्रुप की प्रमुख कंपनी है, जो देश की प्रमुख फार्मा कंपनियों में से एक है। 21,000 करोड़ रुपये वाले इस टोरेंट समूह का नेतृत्व 56 वर्षीय समीर मेहता कर रहे हैं। टॉरंट ने उनकी अगुआई में कई रणनीतिक पहल की हैं, जिनमें बिजली और शहर गैस वितरण जैसे नए क्षेत्रों में प्रवेश करना भी शामिल है। शहरी गैस वितरण में टॉरंट 10,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और भारत में 16 भौगोलिक क्षेत्रों में अपना नेटवर्क लागू करना शुरू कर दिया है।

टॉरंट की पेशकश रिलायंस कैपिटल के परिसमापन मूल्य से काफी कम है, लेकिन कॉस्मिया-पीरामल के 5,231 करोड़ रुपये की बाध्यकारी पेशकश से काफी ज्यादा है।
ऋणदाता अब कंपनी को टॉरंट के नियंत्रण में सौंपने की रणनीति बनाने के लिए बैठक करेंगे। रिलायंस कैपिटल को पिछले साल नवंबर में ऋणशोधन अक्षमता और दिवाला संहिता 2016 के तहत ऋण समाधान के लिए भेजा गया था, जब इसने 24,000 करोड़ रुपये के बैंक बकाये में चूक की थी।

ई-नीलामी के पक्ष में फैसला जीवन बीमा निगम और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के निर्देश पर किया गया था, जो लेनदारों की समिति में 35 प्रतिशत मतदान का अधिकार रखते हैं। दोनों ऋणदाताओं ने परिसमापन के खिलाफ मतदान किया है और परिसंपत्तियों की इलेक्ट्रॉनिक नीलामी शुरू की, जो आज समाप्त हुई। पहले के दौर में रिलायंस कैपिटल को कंपनी स्तर पर चार बाध्यकारी बोलियां प्राप्त हुई थीं, जिसमें कॉस्मिया फाइनैंशियल और पीरामल समूह के गठजोड़ की सर्वाधिक बोली शामिल थी।

स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता डफ ऐंड फेल्प्स और आरबीएसए एडवाइजर्स की मूल्यांकन रिपोर्ट में रिलायंस कैपिटल का परिसमापन मूल्य क्रमशः 12,500 करोड़ रुपये और 13,200 करोड़ रुपये आंका गया था। रिलायंस कैपिटल का परिसमापन मूल्य प्राप्त होने वाली बोलियों के मूल्य से कहीं अधिक है। डफ ऐंड फेल्प्स के अनुसार लाभ दर्ज कर रही रिलायंस जनरल इंश्योरेंस का अकेले ही परिसमापन मूल्य 7,000 करोड़ रुपये है और रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस का कारोबार 4,000 करोड़ रुपये का है।

Advertisement
First Published - December 21, 2022 | 9:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement