रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से नकार दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि रूसी कच्चे तेल से भरे तीन टैंकर गुजरात स्थित उसकी जामनगर रिफाइनरी की ओर जा रहे हैं। कंपनी ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि इस तरह की खबरों से उसकी साख को नुकसान पहुंचा है।
रिलायंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि बीते तीन सप्ताह में जामनगर रिफाइनरी को किसी भी प्रकार का रूसी कच्चा तेल नहीं मिला है। साथ ही जनवरी 2026 में भी ऐसी किसी खेप के आने की कोई संभावना नहीं है।
कंपनी ने यह भी कहा कि जहाजों की ट्रैकिंग से केवल संभावित गंतव्य का संकेत मिलता है, लेकिन इससे किसी तेल खरीद या वास्तविक डिलीवरी की पुष्टि नहीं होती।
Statement by Reliance Industries Limited:
A news report in Bloomberg claiming “three vessels laden with Russian Oil are heading for Reliance Industries Limited’s Jamnagar refinery” is blatantly untrue.
Reliance Industries’s Jamnagar refinery has not received any cargo of…
— Reliance Industries Limited (@RIL_Updates) January 5, 2026
ब्लूमबर्ग ने 2 जनवरी को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि लगभग 22 लाख बैरल रूसी कच्चे तेल से लदे तीन जहाज जामनगर की ओर बढ़ रहे हैं। यह दावा शिपिंग डेटा एनालिटिक्स फर्म Kpler के आंकड़ों पर आधारित था, जो जहाजों की आवाजाही और संभावित मंजिलों पर नजर रखती है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया था कि अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद रिलायंस ने रूसी तेल की खरीद फिर से शुरू की हो सकती है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब रूस के तेल निर्यात पर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने शिकंजा कस रखा है। इन प्रतिबंधों में शिपिंग, बीमा और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सख्त नियम शामिल हैं।
अगस्त 2025 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल आयात करने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिससे कुल अमेरिकी शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया।
इन परिस्थितियों में भारतीय रिफाइनरियां, जिनमें रिलायंस भी शामिल है, अपनी कच्चे तेल की खरीद नीति में बदलाव कर रही हैं। रूसी आपूर्ति में कमी की भरपाई के लिए पश्चिम एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों से तेल मंगाया जा रहा है, ताकि रिफाइनरी संचालन पर असर न पड़े।