facebookmetapixel
क्या भारत चीन की जगह ले पाएगा? ग्लोबल कंपनी का साफ संकेतदिसंबर में बेरोजगारी दर मामूली बढ़कर 4.8% पर पहुंची, लेकिन श्रम बाजार के संकेत मजबूतMidcap Stocks: दो साल से दौड़ते कई शेयर लुढ़के, तो कुछ चमकेदिसंबर में भारत का वस्तु निर्यात 1.8% बढ़ा, व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर70% सस्ता होम लोन बीमा! लेकिन क्या आप सही पॉलिसी चुन रहे हैं?घरेलू सेवाओं में क्विक-कॉमर्स जैसा मुकाबला, अर्बन कंपनी और स्नैबिट आमने-सामनेबिटकॉइन में भारी गिरावट, निवेश का सही मौका?Executive Centre IPO: एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया के 2,600 करोड़ रुपये के आईपीओ को सेबी की मंजूरीभारत गरीब देशों की आवाज: पीएम मोदीइंडिगो के खिलाफ शिकायत पर डीजीसीए ने सीसीआई को सौंपा डेटा

टाटा स्टील करेगी 8,000 करोड़ रुपये निवेश

Last Updated- December 12, 2022 | 1:31 AM IST

टाटा स्टील चालू वित्त वर्ष में अपने भारतीय परिचालन पर 8,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च करेगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) टी वी नरेंद्रन ने यह जानकारी दी। नरेंद्रन ने कहा कि यह राशि मुख्य रूप से कलिंगनगर संयंत्र के विस्तार तथा खनन परिचालन और रीसाइक्लिंग) कारोबार के विस्तार पर खर्च की जाएगी। उनसे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए टाटा स्टील की भारतीय कारोबार की योजनाओं के बारे में पूछा गया था। 
उन्होंने कहा कि यह राशि यूरोपीय परिचालन पर किए जाने वाले 3,000 करोड़ रुपये के निवेश के अतिरिक्त होगी। सीईओ ने कहा, व्यापक रूप से भारत के लिए हमारा निवेश 8,000 करोड़ रुपये रहेगा। नरेंद्रन ने कहा कि इसमें से अच्छी-खासी राशि कलिंगनगर के विस्तार पर खर्च की जाएगी। हम अपने कच्चे माल पर खर्च को भी बढ़ाएंगे क्योंकि कलिंगनगर के विस्तार को समर्थन के लिए हम अपनी लौह अयस्क खनन क्षमता का विस्तार जारी रखेंगे। ऐसे में कलिंगनगर और कच्चे माल पर हमारा खर्च 8,000 करोड़ रुपये रहेगा।

टाटा स्टील अपने ओडिशा के कलिंगनगर संयंत्र की क्षमता को 50 लाख टन सालाना बढ़ाकर 80 लाख टन सालाना करने जा रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या टाटा स्टील रीसाइक्लिंग कारोबार के लिए बाजार संभावनाएं तलाशेगी और 8,000 करोड़ रुपये में से कुछ इसमें लगाएगी, नरेंद्रन ने कहा कि कंपनी कबाड़ या स्क्रैप में अलग कारोबारी मॉडल अपनाती है। 
उन्होंने कहा, हमें जो भी खर्च करने की जरूरत है, वह इसमें होगा। लेकिन स्क्रैप में हमारे परिचालन का अलग मॉडल है। भागीदार सुविधाओं की स्थापना करेंगे। वे स्थापना करेंगे, हम गुणवत्ता का प्रबंधन करेंगे और इस्पात बेचेंगे। नरेंद्रन ने कहा कि टाटा स्टील पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है, क्योंकि वहां अधिक स्क्रैप उपलब्ध है।

First Published - August 30, 2021 | 12:11 AM IST

संबंधित पोस्ट