facebookmetapixel
Advertisement
मानसून की धीमी चाल, दलहन फसलों का रकबा 30% घटाTata Value Fund Review: ₹10,000 की मंथली SIP, 22 साल का धैर्य और ₹1.78 करोड़ का फंड! देखें कहां लगा है पैसा?अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर: मई में देश का औद्योगिक उत्पादन 5.1% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त तेजीDelhi EV Policy 2.0 1 जुलाई से होगी लागू, EV खरीदने पर ₹50,000 तक मिलेगी सब्सिडी; जानें पूरा प्लानPhysical Gold Vs Digital Gold: कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद? समझ लें नफा-नुकसानPFC-REC मर्जर को मंजूरी! शेयरधारकों के लिए क्या है इसके मायने; स्टॉक 2.3% तक टूटेBajaj Auto Share Buyback: 1 जुलाई से शुरू होगा ₹5,632 करोड़ का बायबैक, निवेशकों की खुलेगी किस्मतExplainer: अब टैक्स ऑफिस जाने का झंझट खत्म! टैक्स नोटिस आने पर घर बैठे ‘e-Proceedings’ के जरिए दें जवाबJio BlackRock का पहला SIF लॉन्च, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी पर लगाया दांव; क्या आपको करना चाहिए निवेश?Turtlemint IPO Listing: पहले ही दिन लगा झटका! 11% डिस्काउंट पर हुई एंट्री, अब निवेशक बेचें या करें होल्ड?

टाटा मोटर्स की ‘रकम रेस’ शुरू

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:41 PM IST


टाटा मोटर्स के बड़े सपनों के लिए रकम जुटाने का सिलसिला अब रतार पकड़ने लगा है। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुआई में बैंकों और वित्तीय संस्थाओं का एक समूह काम शुरू कर रहा है। यह समूह फोर्ड मोटर्स के ब्रांड जगुआर और लैंड रोवर के अधिग्रहण की टाटा की मुहिम के लिए 12,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करेगा। यह रकम जुटाने के लिए बैंकों को इसी साल अप्रैल तक की मियाद दी गई है।


इस सौदे को नजदीक से देखने वाले एक सूत्र के मुताबिक एसबीआई के अलावा इस समूह में सिटीबैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, बीएनपी परिबास, जे पी मॉर्गन, तोक्यो मित्सुबिशी यूएफजे और मिझुहो फाइनैंशियल कॉर्पोरेशन शामिल हैं। एसबीआई सार्वजनिक क्षेत्र के दोतीन और बैंकों से भी इस समूह में आने की बात कर रहा है।


सूत्र ने बताया कि यह रकम अल्पकालिक ब्रिज फाइनैंसिंग के जरिये जुटाई जाएगी। सारा कामकाज अगले महीने पूरा हो जाने की उमीद है। अभी 2-3 सार्वजनिक बैंक भी इस समूह का हिस्सा बन सकते हैं। बताया जा रहा है कि एसबीआई इस सौदे के लिए धन जुटाने के कााम में बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक को भी लगा सकता है। समूह का इरादा जल्द से जल्द टाटा को जरूरी रकम सौंप देने का है।


टाटा मोटर्र्स इस सौदे के तहत फोर्ड को कितना धन देगी, इसके बारे में कोई भी खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन बाजार के सूत्रों की मानें, तो कंपनी कम से कम 8,000 करोड़ रुपये इस सौदे के एवज में चुकाने जा रही है।


इस सौदे के लिए जरूरी रकम से भी ज्यादा धन जुटाने के पीछे कंपनी का उद्देश्य अन्य योजनाओं को भी बेहतर ढंग से चलाना हो सकता है। माना जा रहा है कि बाकी रकम से वह अपनी दूसरी अधिग्रहण संबंधी और रणनीतिक योजनाओं को अंजाम देगी। टाटा इसमें से कुछ धन अपनी नैनो कार में भी लगा सकती है। यह कार इसी साल अक्टूबर में बाजार में लाई जानी है, लेकिन वित्तीय समस्याएं इसमें भी आ रही हैं।

Advertisement
First Published - March 18, 2008 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement