facebookmetapixel
Advertisement
दिल्ली में झमाझम बारिश, गर्मी से मिली राहत; IMD ने जारी किया ‘रेड अलर्ट’एक ही कंपनी, एक जैसी सैलरी फिर भी क्यों नहीं मिलता एक बराबर लोन? एक्सपर्ट्स से समझें इसके पीछे का गणितविदेश जाने का है प्लान? Visa Apply करने से पहले ITR को लेकर जान लें ये बड़ी बातयूपी में जरूरत का आधा मिल रहा है खाद, सरकार का दावा-कोई कमी नहींEquity Funds: टूटते बाजार में भी दिखा दम, FY26 में ₹3.47 लाख करोड़ का निवेश; फ्लेक्सी-कैप पहली पसंदचीन के पड़ोस में भारत बेच रहा स्वदेशी मिसाइलें, फिलीपींस, वियतनाम समेत कई देश बने ग्राहकFund Review: ₹10,000 की SIP से बने ₹1.86 करोड़, 19 साल में HDFC Midcap Fund का AUM ₹1 लाख करोड़ के पारCult.fit IPO: फिटनेस कंपनी Cult.fit लाएगी IPO, ₹950 करोड़ जुटाने की तैयारीWhatsApp ला रहा नया Green Dot फीचर! अब बिना चैट खोले तुरंत पता चलेगा कौन है ऑनलाइनमुंबई की बारिश बनी कमाई का जरिया! भारत का पहला RainMumbai कॉन्ट्रैक्ट 30% उछला

सॉफ्टबैंक टीम के दौरे से भारतीय बाजार को मिलेगी ताकत

Advertisement
Last Updated- March 15, 2023 | 9:28 PM IST
Illustration: Binay Sinha

सॉफ्टबैंक की शीर्ष प्रबंधन टीम विभिन्न स्टार्टअप और अन्य निवेशकों से मुलाकात के लिए पिछले कुछ दिनों से भारत के दौरे पर है, जिससे इस वैश्विक निवेश दिग्गज कंपनी के लिए देश के एक प्रमुख बाजार के तौर पर उभरने का संकेत मिला है।

मौजूदा अनुमानों के आधार पर वैश्विक तौर पर सॉफ्टबैंक की निवेशित प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में भारत का योगदान करीब 10 प्रतिशत (20 अरब डॉलर) है। इसके साथ ही अमेरिका और चीन के बाद भारत इस कंपनी का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।

अधिकारियों का कहना है कि इस सप्ताह सॉफ्टबैंक के मुख्य कार्याधिकारी मासायोशी सॉन के करीबी ग्रेग मून (जो सॉफ्टबैंक विजन फंड के मैनेजिंग पार्टनर हैं)अपनी निवेशित कंपनियों के साथ बातचीत के लिए मुंबई में होंगे। वे उस तीन-सदस्यीय टीम में शामिल हैं जो सॉफ्टबैंक इन्वेस्टमेंट एडवायजर्स के पूर्व सीईओ राजीव मिश्रा के बाद दो विजन फंडों का प्रबंधन कर रही है।

टीम के अन्य सदस्यों में सीओओ, सीएफओ और बोर्ड निदेशक (टेक्नोलॉजी एवं ग्रोथ इक्विटी) नवनीत गोविल शामिल हैं जो समूह के पहले ‘सोजो कनेक्ट’ के लिए कुछ दिन पहले बेंगलूरु में थे। इसके अलावा मैनेजिंग पार्टनर एवं भारत में सॉफ्टबैंक इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स के प्रमुख सुमेर जुनेजा भी शामिल थे। सॉन ने कई कंपनियों के संस्थापकों के साथ साथ भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल से हाल में दिल्ली में मुलाकात की थी।

26 पोर्टफोलियो कंपनियों की समीक्षा से पता चलता है कि कुछ को छोड़कर, ज्यादातर कंपनियों (जिनमें सॉफ्टबैंक का निवेश है) का मूल्यांकन अब पहले के मुकाबले काफी ऊपर पहुंच गया है। इनमें लेंसकार्ट, स्विगी, ऑफ बिजनेस, फर्स्टक्राई, और पॉलिसीबाजार शामिल हैं।

हालांकि सॉफ्टबैंक के एक अधिकारी ने इस संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है।

उपलब्ध आंकड़े के आधार पर, सॉफ्टबैंक ने 1.3 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर लेंसकार्ट में निवेश किया। हालांकि उसकी पिछली कोष उगाही 4.5 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर हुई थी, जो 3.4 गुना की वृद्धि है। इसी तरह, जब सॉफ्टबैंक ने ​स्विगी में प्रवेश किया था, तो उसका मूल्यांकन 4.8 अरब डॉलर थी, जबकि उससे पिछली बार कंपनी में निवेश 10.1 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर किया गया था।

इसका मतलब है कि सॉफ्टबैंक को काफी कम मूल्यांकन पर बड़े निवेश लगाने में मदद मिली। सॉफ्टबैंक ने बी2बी और लो-प्रोफाइल स्टार्टअप ऑफ बिजनेस में भी 1.4 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर निवेश किया। वहीं हाल की कोष उगाही में ऑफ बिजनेस का मूल्यांकन बढ़कर 7.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

फर्स्ट क्राई ऐसी अन्य स्टार्टअप कंपनी है जिसका मूल्यांकन सॉफ्टबैंक द्वारा निवेश किए जाने के बाद तेजी से बढ़ा है। जहां निवेश के समय इस स्टार्टअप का मूल्यांकन 90 करोड़ डॉलर था, वहीं मौजूदा समय में यह बढ़कर 3.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। आगामी सेकेंडरी बिक्री इसी कीमत पर होने का अनुमान है।

सूचीबद्ध कंपनी पॉलिसीबाजार डॉटकॉम में सॉफ्टबैंक ने 19.9 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। हालांकि उसने दो बार में अपना कुछ हिस्सा बेचकर 50 करोड़ डॉलर हासिल कर लिए। पॉलिसी बाजार में उसकी अभी भी शेष हिस्सेदारी है।

Advertisement
First Published - March 15, 2023 | 8:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement