facebookmetapixel
Advertisement
Stocks to Watch Today: HCL Tech से Infosys तक, आज इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजरओपनएआई का AI एजेंट टेस्टिंग में बेकाबू, हैकिंग घटना ने साइबर सुरक्षा पर बढ़ाई चिंताAI स्किल्स को IT कंपनियों में सबसे ज्यादा तवज्जो, कैंपस भर्ती और वेतन रणनीति में बड़ा बदलावRBI Economy Report: विदेशी निवेश में लौटा भरोसा, मजबूत मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहाराट्रंप के जेनेरिक दवा शुल्क प्रस्ताव से भारतीय फार्मा पर दबाव, उत्पादन अमेरिका ले जाना आसान नहींMutual Fund लाइसेंस की कतार बढ़ी, तीन नए आवेदक; SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहीं 9 कंपनियांकमजोर डॉलर से सोने में जोरदार तेजी, दो हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव 3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयारQ1 नतीजों के बाद Bandhan Bank पर दबाव, शेयर 17% टूटे; कमजोर RoA गाइडेंस से निवेशकों को झटकापश्चिम एशिया संकट गहराया, कच्चा तेल 2% की बढ़त के साथ छह हफ्ते के हाई पर 

‘रूस की प्रभावित खेप मार्च तक बहाल होगी’

Advertisement

‘अभी रूस की खेप कुछ छूट पर उपलब्ध है। यह बीते वर्ष 5-6 बैरल प्रति डॉलर था जबकि यह वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 3.5 डॉलर प्रति बैरल था।'

Last Updated- February 11, 2025 | 10:59 PM IST
BPCL

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी बीपीसीएल को अगले कुछ महीनों में रूस से आने वाली खेप बहाल होने का भरोसा है। यह जानकारी बीपीसीएल के वित्तीय निदेशक वत्स रामकृष्ण गुप्ता ने इंडिया एनर्जी वीक के इतर बिजनेस स्टैंडर्ड को दी।

वित्त वर्ष 25 (2024-25) की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी के आयात में रूसी खेप की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत थी। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘प्रतिबंधों के कारण रूस से आपूर्ति नहीं होने की स्थिति में हमारी हिस्सेदारी अल्पावधि में गिरकर 20 प्रतिशत तक आ सकती है। हम मार्च की शुरुआत और अप्रैल से फिर खेप हासिल कर पाएंगे। लिहाजा आपूर्ति सामान्य स्तर पर आ जाएंगी।’

रूस से कच्चे तेल लाने वाले पोतों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। इससे कंपनी को फरवरी में तेल हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है और मार्च तक 50 प्रतिशत से अधिक खेप हासिल नहीं कर पाएंगे गुप्ता ने बताया, ‘हम शेष 50 प्रतिशत खेप हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इसमें समय लगेगा।’

निदेशक ने बताया कि बाजार में पर्याप्त कच्चा तेल उपलब्ध है। यह खासतौर पर अमेरिका, पश्चिम एशिया और ब्राजील से कुछ अधिक लागत पर उपलब्ध है।

गुप्ता ने बताया, ‘अभी रूस की खेप कुछ छूट पर उपलब्ध है। यह बीते वर्ष 5-6 बैरल प्रति डॉलर था जबकि यह वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 3.5 डॉलर प्रति बैरल था। अब यह गिरकर 3 डॉलर प्रति बैरल आ गया है।’

बीपीसीएल देश के नए राजमार्गों पर व्यापक स्तर पर सुविधाओं को विकसित कर रही है। यह बीसीसीएल के गैर ईंधन खंड का बड़ा हिस्सा है।

Advertisement
First Published - February 11, 2025 | 10:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement