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Renault लागत कम करने के लिए छंटनी करने की तैयारी में, 3,000 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा

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Renault लागत घटाने की योजना के तहत 3,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, कंपनी आर्थिक नुकसान और प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए ‘एरो प्लान’ लागू कर रही है

Last Updated- October 04, 2025 | 8:16 PM IST
Renault

फ्रांसीसी कार कंपनी रेनॉल्ट लागत कम करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। फ्रांस की न्यूज़लेटर L’Informe के मुताबिक, कंपनी अपने सपोर्ट फंक्शन्स जैसे मानव संसाधन, वित्त और मार्केटिंग में 15% कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। इससे करीब 3,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। ये छंटनी मुख्य रूप से पेरिस के पास बूलोन-बिलांकॉर्ट में कंपनी के मुख्यालय और दुनिया भर के अन्य ठिकानों पर होगी। कंपनी ने इस योजना को “एरो” नाम दिया है।

रेनॉल्ट के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि कंपनी अपनी लागत कम करने और कामकाज को आसान बनाने के तरीकों पर विचार कर रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और न ही कोई आंकड़ा तय किया गया है। सूत्रों के हवाले से न्यूज़लेटर ने बताया कि इस मामले में साल के अंत तक फैसला हो सकता है। 2024 के अंत तक रेनॉल्ट में दुनिया भर में 98,636 कर्मचारी थे।

Also Read: ‘मेक इन इंडिया’ की ओर झुका यूरोप, 6 अक्टूबर से शुरू होगी भारत-ईयू एफटीए वार्ता

आर्थिक दबाव और नया नेतृत्व

रेनॉल्ट को हाल ही में बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। जुलाई में कंपनी ने 11.2 अरब यूरो (करीब 13 अरब डॉलर) का नेट लॉस बताया। इसमें से 9.3 अरब यूरो का नुकसान उनकी पार्टनर कंपनी निसान के राइट-डाउन की वजह से हुआ। इस नुकसान को छोड़ दें, तो भी रेनॉल्ट की आय पिछले साल की तुलना में काफी कम रही। कंपनी को केवल 461 मिलियन यूरो की आय हुई, जो पिछले साल के मुकाबले एक तिहाई से भी कम है। वैन मार्केट में कमजोरी, इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत और चीनी कार कंपनियों की कड़ी प्रतिस्पर्धा ने रेनॉल्ट पर दबाव बढ़ाया है।

जुलाई में कंपनी के नए सीईओ फ्रांस्वा प्रोवोस्ट ने कार्यभार संभाला। उनके सामने रेनॉल्ट की माली हालत सुधारने और कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को निवेश योग्य स्तर तक लाने की चुनौती है। इसके अलावा, अमेरिकी टैरिफ और चीनी कार कंपनियों की प्रतिस्पर्धा से निपटना भी उनके लिए बड़ा काम है। विश्लेषकों का कहना है कि रेनॉल्ट को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे।

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First Published - October 4, 2025 | 8:12 PM IST

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