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ITR Refund Status: अगर आप अभी भी अपने आयकर रिटर्न (ITR) के प्रोसेस होने या रिफंड मिलने का इंतजार कर रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। सरकार ने संसद में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 24.64 लाख से अधिक रिटर्न 90 दिनों से प्रोसेस नहीं हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्यमंत्री वित्त पंकज चौधरी ने बताया कि 4 फरवरी 2026 तक लगभग 8.8 करोड़ टैक्स रिटर्न दाखिल किए गए थे। इनमें से 24,64,044 रिटर्न अभी भी तीन महीने से अधिक समय से लंबित हैं।
अधिकांश मामलों में प्रोसेसिंग में देरी का मतलब यह नहीं कि आपकी रिटर्न में कोई समस्या है। देरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे:
रिटर्न की वेरीफिकेशन प्रक्रिया लंबित होना
आय विवरण में किसी प्रकार का मेल न होना
वैलिडेशन चेक का लंबित रहना
टैक्स विभाग में कार्यभार अधिक होना
अगर आपकी रिटर्न कई महीनों से लंबित है, तो यह बेहतर होगा कि आप इनकम टैक्स पोर्टल पर अपनी रिटर्न की स्थिति चेक करें।
रिफंड में भी देरी संभव
क्योंकि रिफंड केवल प्रोसेसिंग के बाद ही जारी होते हैं, लंबित रिटर्न वाले टैक्सपेयर्स को रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है।
सरकार ने अपनी NUDGE योजना के तहत यह भी बताया कि इस अभियान से टैक्सपेयर्स अपनी रिटर्न को समीक्षा और सुधारने के लिए प्रोत्साहित किए गए हैं।
पिछले दो वर्षों में:
1.11 करोड़ अपडेट या संशोधित रिटर्न दाखिल हुए
अतिरिक्त कर के रूप में ₹6,976.5 करोड़ जमा हुए
कुल राजस्व प्रभाव ₹8,810.59 करोड़ रहा
इनमें से कई संशोधित रिटर्न पहली बार या पहले कभी फाइल न करने वाले टैक्सपेयर्स की तरफ से आए, जिनमें कई को विभाग की ओर से नोटिस या मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली।
NUDGE अभियान में टैक्स विभाग डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर संभावित विसंगतियों को पहचानता है, जैसे:
विदेशी संपत्ति या आय का खुलासा न होना
80G, 80GGC या 80E जैसी कटौती में त्रुटियां
अधिक छूट का दावा
वित्तीय जानकारी अधूरी होना
चुनिंदा टैक्सपेयर्स को अपनी रिटर्न की समीक्षा या अपडेट करने के लिए सूचित किया जाता है।
NUDGE अभियान क्या है?
NUDGE यानी Non-Intrusive Usage of Data to Guide and Enable अभियान में टैक्सपेयर्स को उनकी पहले दाखिल की गई रिटर्न की समीक्षा और संशोधन करने के लिए संदेश भेजे जाते हैं। यह चयन एडवांस रिस्क एनालिसिस के आधार पर किया जाता है, जो गलत या न-घोषित संपत्ति, आय या अतिरिक्त कटौती का पता लगाता है।
अब आपको क्या करना चाहिए
अगर आपने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रिटर्न फाइल किया है:
देखें कि आपकी रिटर्न वेरीफाई हुई है या नहीं
आयकर पोर्टल पर ITR प्रोसेसिंग की स्थिति ट्रैक करें
किसी भी नोटिस या संदेश का समय पर जवाब दें
सुनिश्चित करें कि बैंक अकाउंट विवरण सही तरीके से लिंक हो ताकि रिफंड में कोई देरी न हो