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H-1B Visa: अमेरिका में H-1B वीजा पर प्रस्तावित $1 लाख शुल्क से भी कंपनियों की इस श्रमिक वर्ग को रोजगार देने की मांग पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। यह निष्कर्ष अमेरिकी राष्ट्रीय आर्थिक अनुसंधान ब्यूरो (NBER) द्वारा किए गए हालिया अध्ययन में सामने आया है।
अध्ययन, जिसका शीर्षक है “H-1B वेतन अंतर, वीजा शुल्क और नियोक्ता मांग”, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जॉर्ज बोर्जास ने लिखा है। बोर्जास पहले भी अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों पर सलाह दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर वीजा शुल्क $1.5 लाख से $2 लाख तक बढ़ाया भी जाए, तो भी उच्च कौशल वाले कर्मचारियों की भर्ती में कंपनियों की रुचि कम नहीं होगी।
बुर्जास के अध्ययन में यह पाया गया कि अधिकांश मामलों में H-1B श्रमिकों की आय अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम है। उन्होंने लिखा, “समान शिक्षा, उम्र, लिंग, स्थानीयता और पेशे के आधार पर, औसतन H-1B कर्मचारी अमेरिकी कर्मचारी से लगभग 16 प्रतिशत कम कमाते हैं।”
कंपनियों के हिसाब से H-1B कर्मचारियों के वेतन में भारी भिन्नता है। बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों जैसे कि मेटा, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट में H-1B कर्मचारियों का औसत वेतन $1.5 लाख के करीब है। वहीं, भारतीय आईटी सेवाओं की कंपनियों जैसे इंफोसिस और विप्रो में यह औसतन $80,000 के आसपास है।
बोर्जास ने पाया कि बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों में वेतन अंतर काफी कम है। उदाहरण के लिए, मेता और टेस्ला में अंतर मात्र 1 से 3 प्रतिशत है और यह सांख्यिकीय रूप से नगण्य है। इसके विपरीत, भारतीय मूल की आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों में H-1B कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में काफी कम वेतन मिलता है।
H-1B कर्मचारियों की भर्ती केवल कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के अनुसार, 46,184 अलग-अलग कंपनियों ने चार साल में कम से कम एक H-1B कर्मचारी को हायर किया। अधिकांश कंपनियों ने केवल एक या तीन H-1B कर्मचारियों की भर्ती की।
छोटे कर्मचारियों वाली कंपनियों में भी वेतन अंतर मौजूद है। केवल एक H-1B कर्मचारी रखने वाली कंपनियों में वेतन अंतर औसतन 18.5 प्रतिशत कम पाया गया।
H-1B श्रमिकों का बड़ा हिस्सा कुछ ही पेशों में केंद्रित है। उदाहरण के लिए, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स ही 38.3 प्रतिशत H-1B कर्मचारियों का हिस्सा हैं। शीर्ष पांच पेशे मिलकर लगभग दो-तिहाई कर्मचारियों को शामिल करते हैं।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि H-1B कर्मचारियों की भर्ती पर वीजा शुल्क का असर बहुत कम होगा। बोर्जास के अनुसार, उच्च वेतन वाले कर्मचारियों के लिए $1 लाख शुल्क भी कंपनियों के लिए लाभदायक रहेगा। उन्होंने लिखा, “छह साल के वीजा कार्यकाल में एक H-1B कर्मचारी पर होने वाली औसत पेरोल बचत लगभग $1 लाख के करीब है।”