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IMPS vs NEFT vs RTGS: आज के डिजिटल जमाने में बैंकिंग लेनदेन तेज और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए NEFT, RTGS और IMPS जैसे ऑनलाइन फंड ट्रांसफर सिस्टम सभी के लिए उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से:
NEFT के जरिए आप अपने बैंक अकाउंट से किसी अन्य व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। ध्यान रहे कि यह सिस्टम रीयल-टाइम में काम नहीं करता। न्यूनतम ट्रांसफर राशि केवल 1 रुपए है और अधिकतम सीमा ग्राहक सेगमेंट पर निर्भर करती है।
RTGS का इस्तेमाल बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इसमें ट्रांसफर की गई राशि तुरंत लाभार्थी के अकाउंट में क्रेडिट हो जाती है। RTGS के लिए न्यूनतम राशि 2 लाख रुपए है, जबकि अधिकतम राशि पर कोई सीमा नहीं है।
IMPS मोबाइल और इंटरनेट के जरिए 24×7 फंड ट्रांसफर की सुविधा देता है। यह रीयल-टाइम में काम करता है और न्यूनतम 1 रुपए से लेकर अधिकतम 5 लाख रुपए तक ट्रांसफर की अनुमति देता है।
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NEFT में ऑनलाइन इनवर्ड ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं है। ऑफलाइन लेनदेन पर 2.5 से 25 रुपए तक शुल्क लागू हो सकता है।
RTGS में ऑनलाइन इनवर्ड ट्रांजैक्शन फ्री है, लेकिन आउटवर्ड ट्रांजैक्शन के लिए बैंक शाखा में 25 से 50 रुपए तक शुल्क हो सकता है।
IMPS में शुल्क बैंक और PPI पर निर्भर करता है और यह 2.5 से 15 रुपए तक हो सकता है।
तीनों सिस्टम 24×7 उपलब्ध हैं। NEFT में कुछ बैचिंग समय हो सकता है, जबकि RTGS और IMPS तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
| विशेषता | NEFT | RTGS | IMPS |
|---|---|---|---|
| न्यूनतम राशि | 1 रुपए | 2 लाख रुपए | 1 रुपए |
| अधिकतम राशि | ग्राहक सेगमेंट पर निर्भर | कोई सीमा नहीं | 5 लाख रुपए |
| लेनदेन समय | 2 घंटे तक | तुरंत | तुरंत |
| ऑनलाइन/ऑफलाइन | दोनों | दोनों | ऑनलाइन |
| प्रक्रिया गति | सामान्य | तेज़ | तेज |
सरकार ने NUDGE (Non-Intrusive Usage of Data to Guide and Enable) अभियान शुरू किया है। इसके तहत कुछ करदाताओं को उनके पहले से भरे गए आयकर रिटर्न (ITR) की समीक्षा और सुधार के लिए संदेश भेजे जाते हैं।
इस पहल का उद्देश्य है उन करदाताओं की पहचान करना जिन्होंने आय या संपत्ति सही ढंग से नहीं दिखाई है, या जिन्होंने अधिक कटौती/छूट का दावा किया है।
करदाताओं के लिए जरूरी कदम:
यदि आपने पहले ही ITR दाखिल कर दी है, तो इसकी वेरिफिकेशन की स्थिति जांचें।
आयकर पोर्टल पर ITR प्रोसेसिंग का स्टेटस ट्रैक करें।
किसी भी नोटिस या संदेश का तुरंत जवाब दें।
रिफंड के लिए अपने बैंक अकाउंट विवरण सही ढंग से लिंक करें।
इस तरह से NEFT, RTGS और IMPS के साथ-साथ NUDGE पहल भी डिजिटल लेनदेन और टैक्स कंप्लायंस को आसान और पारदर्शी बनाने में मदद कर रही है।