उत्तर प्रदेश

UP Budget 2026: योगी सरकार का 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश, उद्योग और ऊर्जा को मिली बड़ी बढ़त

उत्तर प्रदेश सरकार ने FY 2026-27 का 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिसमें उद्योग, MSME, ऊर्जा, सड़कों और छात्र कल्याण योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर फंड आवंटित किया गया है।

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- February 11, 2026 | 3:36 PM IST

UP Budget 2026: उद्योगों, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रोत्साहन, ऊर्जा व सड़कों के लिए भारी-भरकम आवंटन के साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का सलाना बजट पेश किया है। इस बार उत्तर प्रदेश के बजट का आकार 9.12 लाख करोड़ रूपये का है जोकि बीते वर्ष से लगभग 13 फीसदी अधिक है। एमएसएमई क्षेत्र के लिए बीते साल के मुकाबले 19 फीसदी व उद्योगों के लिए 13 फीसदी अधिक धनराशि का प्रावधान बजट में किया गया है।

प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में उत्तर प्रदेश का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि इसकी थीम “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशाल किसान” है। बजट में करीब 2 लाख करोड़ रूपये पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किए गए हैं जिनका उपयोग ढांचागत परियोजनाओं के लिए होगा। उत्तर प्रदेश के इस बार के बजट में 43565.33 करोड़ रूपये की नयी योजनाएं शामिल की गयी हैं। बजट में 848233.18 करोड़ रूपये का राजस्व व गैर राजस्व प्राप्तियों का अनुमान है। इनमें राजस्व 7.28 लाख करोड़ रूपये और 1.19 लाख करोड़ रूपये की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। अनुमानित राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 6.03 लाख करोड़ रूपये का है। इसमें प्रदेश के खुद के कर राजस्व की भागीदारी 3.34 लाख करोड़ रूपये जबकि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 2.68 लाख करोड़ रूपये अनुमानित है।

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बजट में प्रदेश को 64457 करोड़ रूपये के राजस्व बचत का अनुमान लगाया गया है। प्रदेश को 1.18 लाख करोड़ रूपये का राजकोषीय घाटा अनुमानित है जोकि कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.88 फीसदी है।

प्रदेश के छात्रों को टैबलेट व स्मार्ट फोन के वितरण के लिए 2374 करोड़ रूपये का प्रावधान बजट में किया गया है। हाल ही में घोषित ‘एक जनपद एक व्यंजन’’ योजना के लिये बजट में 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिये 65,926 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 8 फीसदी अधिक है। अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत के विकास हेतु लगभग 2,104 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में दो गुने से अधिक है।

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिये 27,103 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 फीसदी अधिक है। इस बार के बजट में  मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना में 5000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत अवस्थापना विकास के लिए 2,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) एवं फॉंर्च्यून-500 कम्पनियों के निवेश के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वित्त मंत्री ने बताया कि डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना हेतु एमओयू हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिसमें 35,280 करोड़ का निवेश एवं 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है।

उत्तर प्रदेश के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एमएसएमई) क्षेत्र की योजनाओं के लिये 3,822 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 फीसदी अधिक है। प्रदेश में एम.एस.एम.ई. उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन’’ की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 575 करोड़ रूपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। नई योजना-सिटी इकोनॉमिक रीजन हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अयोध्या के सर्वांगीण विकास हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इस बार के बजट में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिये लगभग 5,041 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में पाँच गुने से अधिक है। पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिये 4,423 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस तरह आई.टी.एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की योजनाओं के लिये 2,059 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 76 फीसदी अधिक है। एआई के क्षेत्र में विकास के लिए शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश एआई मिशन का आरम्भ किया जा रहा है जिसके लिये 225 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। औद्योगिक/ लॉजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण व निर्माण कार्य के लिए 1,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिये 18,290 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 30 फीसदी अधिक है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 में जल जीवन मिशन के समस्त घटकों हेतु लगभग 22,452 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

First Published : February 11, 2026 | 3:28 PM IST