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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ता

व्हाइट हाउस द्वारा जारी फैक्टशीट में सोयाबीन तेल पर टैरिफ खत्म या कम करने के जिक्र से गिर रहे हैं सोयाबीन व इसके तेल के दाम

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- February 11, 2026 | 4:54 PM IST

India-US Trade Deal-Soybean: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के कारण भारत में सोयाबीन और इसके तेल के दाम गिरने लगे हैं। लंबे समय बाद पिछले महीने सोयाबीन के दाम बढ़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर चले गए थे। लेकिन अब ये गिरकर MSP के बेहद करीब आ गए हैं। कुछ मंडियों में तो भाव MSP से नीचे भी चले गए हैं। सोयाबीन के दाम गिरने से किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। भारत ने तेल वर्ष 2024-25 में 54.68 लाख टन सोया तेल का आयात किया था। जिसकी कुल वनस्पति तेल आयात करीब 160 लाख टन में करीब 35 फीसदी हिस्सेदारी रही।

आखिर क्यों घटे सोयाबीन तेल के दाम?

सोयाबीन और इसके तेल के दाम घटने की वजह भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते है। इस समझौते के संदर्भ में अमेरिकी व्हाइट हाउस द्वारा जारी फैक्टशीट के मुताबिक भारत अमेरिका से आयात होने वाले सोयाबीन तेल पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा।

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अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि भारत में मुख्य तौर पर ब्राजील और अर्जेंटीना से कच्चे सोयाबीन तेल का आयात होता है। इन दोनों देशों से आयातित सोया तेल और अमेरिका से आयातित सोया तेल की कीमतों के बीच अंतर आमतौर पर 1.5 से 2.5 फीसदी रहता है। अगर अमेरिका से आयातित सोया तेल पर टैरिफ (अभी आयात शुल्क 16.5 फीसदी है) खत्म हुआ या कम हुआ तो अमेरिकी सस्ते सोया तेल की आपूर्ति घरेलू बाजार में बढ़ने की आशंका है। इसी कारण इस समझौते की खबर के बाद भारत में सोया तेल के थोक भाव 5 फीसदी टूटकर 1,410-1,420 रुपये प्रति 10 किलो पर आ गए हैं।

सोयाबीन के भाव भी लुढ़के

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के कारण सोयाबीन तेल सस्ता होने का असर सोयाबीन की कीमतों पर भी पड़ा है। इस समझौते के बाद सोयाबीन के दाम 300 से 400 रुपये क्विंटल गिर चुके हैं। सोयाबीन की प्रमुख मंडी इंदौर के कारोबारी हेमंत जैन ने कहा इस समझौते से भारत में अमेरिकी सोया तेल की आपूर्ति बढ़ने की अफवाह से सोयाबीन की कीमत 400 रुपये तक गिरकर 5,400 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गई हैं।

आईग्रेन इंडिया के मुताबिक भारत-अमेरिकी अंतरिम समझौते के तहत सोयाबीन तेल और डीडीजीएस पर आयात शुल्क में कमी या छूट की सहमति के बाद घरेलू मंडियों में सोयाबीन के दाम लगातार दबाव में है। सस्ते आयातित सोया तेल की संभावना से पेराई मार्जिन कमजोर हुआ है। जिससे प्लांट वालों की खरीद धीमी हुई, जबकि किसानों ने बिकवाली बढ़ा दी है।

लंबे समय बाद MSP से ऊपर आए थे सोयाबीन के भाव

सोयाबीन के दाम लंबे समय बाद पिछले महीने MSP (5,328 रुपये) से ऊपर चले गए थे। लेकिन अब ये इसके बेहद करीब या नीचे आ गए हैं। आईग्रेन इंडिया के मुताबिक भारत-अमेरिका समझौते के बाद सोयाबीन के दाम कुछ मंडियों में MSP से नीचे चले गए हैं। एक सप्ताह के दौरान कोटा मंडी में सोयाबीन के भाव 500 रुपये गिरकर 5,300 रुपये, लातूर में 325 रुपये घटकर 5,300 रुपये और अमरावती में 400 रुपये घटकर 5,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। ये भाव MSP से नीचे हैं।

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मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसान रोहित कासिव ने बताया कि लंबे समय बाद सोयाबीन के भाव MSP से 500 से 600 रुपये ऊपर चढ़कर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच गए थे। लेकिन भारत-अमेरिका समझौते के बाद भाव गिरकर कुछ मंडियों में MSP से नीचे और कुछ में इसके बेहद करीब 5,400 से 5,500 रुपये क्विंटल के बीच कारोबार कर रहे हैं। इस समझौते ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। हालांकि सरकार किसानों के हितों का आश्वासन दे रही है। लेकिन स्पष्ट कुछ नहीं बता रही है। ऐसे में सरकार को भ्रांतियां दूर करनी चाहिए।

First Published : February 11, 2026 | 4:54 PM IST