प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम
भारत और मलेशिया ने रविवार को 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें सेमीकंडक्टर और आपदा प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में अधिक सहयोग शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने व्यापार निपटान के लिए स्थानीय मुद्राओं, रुपये और मलेशिया की मुद्रा रिंगिट के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों के प्रयासों की सराहना की।
मोदी ने रविवार दोपहर कुआलालंपुर की अपनी दो दिवसीय यात्रा खत्म की। दोनों पक्षों ने पिछले साल के 18.6 अरब डॉलर से अधिक व्यापार का विस्तार करने, निवेश बढ़ाने और रक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं पर्यटन में अधिक सहयोग करने का संकल्प लिया। मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दोनों पक्षों ने संयुक्त बयान में कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने ‘द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में स्थानीय मुद्रा निपटान के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक नेगारा मलेशिया के बीच लगातार सहयोग की सराहना की। दोनों तरफ के उद्योगों को स्थानीय मुद्राओं यानी भारतीय रुपये और मलेशिया की मुद्रा रिंगिट में व्यापार चालान और निपटान को और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।’ दोनों देशों ने एनपीसीआई इंटरनैशनल लिमिटेड और पेनेट मलेशिया के बीच द्विपक्षीय भुगतान लिंकेज स्थापित करने के लिए सहयोग की घोषणा की।
मलेशिया के प्रधानमंत्री ने टिकाऊ पाम ऑयल के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बने रहने की अपनी देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने ऑयल पाम की खेती, पाम ऑयल की वैल्यू चेन के विकास में व्यापक सहयोग की चर्चा की जिसमें डाउनस्ट्रीम, उच्च मूल्यवर्धित पाम-आधारित उत्पाद शामिल हैं। दोनों पक्ष बाजार पहुंच मामलों के समय पर समाधान के लिए भी सहमत हुए। ऊर्जा क्षेत्र में, दोनों पक्षों ने बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा पहल में सहयोग की बात की। वे दोनों देशों के बीच श्रमिकों और पेशेवरों की गतिशीलता को और बढ़ाने पर सहमति हुई।
दोनों नेताओं ने मलेशिया-भारत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) के महत्व पर ‘जोर दिया’।
संयुक्त बयान के अनुसार, ‘दोनों नेताओं ने एआईटीआईजीए की जारी समीक्षा का स्वागत किया ताकि इसे पारस्परिक रूप से लाभकारी, व्यापार सुविधाजनक और वर्तमान वैश्विक व्यापार प्रथाओं के लिए प्रासंगिक बनाया जा सके।’मोदी ने कहा, ‘मलेशिया जैसे मित्र देशों के समर्थन से, भारत आसियान के साथ अपने संबंधों का और विस्तार करेगा। हम सहमत हैं कि एआईटीआईजीए की समीक्षा शीघ्रता से पूरी होनी चाहिए।’
अगस्त 2024 में दोनों देशों द्वारा संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमत होने के बाद यह प्रधानमंत्री की मलेशिया की पहली यात्रा थी। इब्राहिम ने कहा कि भारत-मलेशिया समझौते ‘वास्तव में व्यापक हैं और हमारा मानना है कि हम इसे आगे बढ़ा सकते हैं और हमारी दोनों सरकारें प्रतिबद्धता के साथ इस पर तेजी से अमल कर सकती हैं।’
दोनों पक्षों ने यह भी घोषणा की कि भारत बोर्नियो द्वीप पर मलेशिया के सबा राज्य में एक वाणिज्य दूतावास खोलेगा। मोदी ने भारत-मलेशिया संबंधों को ‘विशेष’ बताया और कहा कि दोनों देश ‘रणनीतिक भरोसे के माध्यम से आर्थिक बदलाव की राह तैयार करेंगे।’ सुरक्षा और रक्षा सहयोग के मुद्दे पर मोदी ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘एआई और डिजिटल तकनीकों के साथ, हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।’ उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र दुनिया के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है। मोदी ने कहा, ‘हम, आसियान के साथ, पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा, ‘वैश्विक अस्थिरता के माहौल में, भारत और मलेशिया के बीच बढ़ती दोस्ती दोनों देशों के लिए महत्त्वपूर्ण है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है। इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं और न कोई समझौता होगा।’
कुआलालंपुर में, प्रधानमंत्री ने रविवार को आजाद हिंद फौज के दिग्गज जयराज राजा राव से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने मलेशिया के प्रमुख उद्योगपतियों, पेट्रोनास के अध्यक्ष और समूह सीईओ तेंग्कू मोहम्मद तौफीक, बरजाया कॉरपोरेशन बरहद के संस्थापक विन्सेंट टैन ची यिओन, खजाना नैशनल बरहद के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर से बातचीत की।