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India US Trade Deal: भारत और अमेरिका ने शनिवार को आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति जताई है। इसका लक्ष्य आने वाले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाना है। इस समझौते के तहत दोनों देशों के उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाई जाएगी, कुछ प्रमुख वस्तुओं पर शुल्क कम होंगे और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, यह समझौता भविष्य में तकनीकी, डिजिटल व्यापार और सप्लाई चेन पर विस्तृत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की राह भी खोलता है।
फार्मास्युटिकल्स (दवा और जेनरिक दवाएं)
भारतीय जेनरिक दवाओं और फार्मा सामग्री को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। अमेरिका की समीक्षा के बाद भारतीय दवा कंपनियों के निर्यात को सुनिश्चित करने के लिए शुल्क में रियायत दी जाएगी। भारत से अमेरिका में फार्मास्युटिकल निर्यात सालाना लगभग 9.78 अरब डॉलर का है। शुल्क में कटौती से भारतीय दवाओं की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बाजार हिस्सेदारी में सुधार होगा।
रत्न और हीरे
अमेरिका भारत से आयातित रत्न और गहनों पर शुल्क घटा रहा है। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में लाभ मिलेगा और मार्जिन बेहतर होगा। भारतीय गहनों और आभूषणों का अमेरिका में निर्यात लगभग 9.97 अरब डॉलर का है।
विमान और विमान पार्ट्स
राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण लगाए गए कुछ शुल्क हटाए जा रहे हैं, जिससे भारतीय विमान उद्योग के उत्पादकों को अमेरिकी बाजार में आसान प्रवेश मिलेगा। विमान पार्ट्स, एल्यूमिनियम, स्टील और तांबे के घटकों के निर्यात में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है।
टेक्नोलॉजी और डिजिटल व्यापार
इस समझौते से ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट, डेटा सेंटर उपकरण और अन्य तकनीकी उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही निवेश और सप्लाई चेन सुरक्षा पर सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत के IT हार्डवेयर सेक्टर को लाभ और निर्यात की पूर्वानुमानिता मिलेगी।
भारतीय ऑटो पार्ट्स पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा शुल्कों में रियायत दी जाएगी। इससे भारतीय ऑटो पार्ट्स निर्माता अमेरिकी बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ा पाएंगे।
अंतरिम समझौते में संकेत दिया गया है कि दोनों देश आगे जाकर और गहराई से शुल्क कटौती पर चर्चा कर सकते हैं। प्रारंभ में भारतीय निर्यात पर करीब 18 प्रतिशत शुल्क लागू होगा, लेकिन भविष्य में कुछ महत्वपूर्ण सेक्टरों में और भी रियायत मिल सकती है।
समझौते के तहत दोनों देश प्राथमिक बाजार पहुंच सुनिश्चित करेंगे और नियमों को सरल बनाएंगे ताकि व्यापार आसान और सुरक्षित हो। इसके साथ ही निर्यातकों के लिए मानक और अनुपालन प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा।
इस अंतरिम समझौते को व्यापक BTA की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है, जिसे आने वाले महीनों में पूरी तरह लागू किए जाने की संभावना है।