बाजार

अगले हफ्ते रडार पर रहेगा यह शेयर! स्टॉक स्प्लिट से बढ़ेगी लिक्विडिटी, चेक करें पूरी डिटेल्स

गौरतलब है कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की कुल शेयर संख्या बढ़ जाती है, लेकिन कंपनी का कुल मार्केट कैप या निवेशकों की कुल होल्डिंग वैल्यू में कोई सीधा बदलाव नहीं होता

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- February 07, 2026 | 4:38 PM IST

अगले हफ्ते शेयर बाजार में स्टॉक स्प्लिट को लेकर एक कंपनी निवेशकों के रडार पर रहने वाली है। डेल्फी वर्ल्ड मनी लिमिटेड ने अपने शेयर के स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया है, जिसकी एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट तय कर दी गई है। स्टॉक स्प्लिट आमतौर पर कंपनियां तब करती हैं, जब वे अपने शेयर की कीमत को छोटे निवेशकों के लिए ज्यादा सुलभ बनाना चाहती हैं। इससे शेयर की लिक्विडिटी बढ़ती है और बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी सुधार देखने को मिलता है।

BSE पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, डेल्फी वर्ल्ड मनी लिमिटेड का सिक्योरिटी कोड 533452 है और इसका सिक्योरिटी नेम DELPHIFX है। कंपनी ने 13 फरवरी 2026 को अपने स्टॉक स्प्लिट की एक्स-डेट तय की है। इस स्प्लिट के तहत कंपनी अपने शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये से घटाकर 2 रुपये करने जा रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि एक शेयर के बदले निवेशकों को ज्यादा संख्या में शेयर मिलेंगे, जबकि उनकी कुल निवेश वैल्यू पहले जैसी ही बनी रहेगी।

कंपनी ने इस स्टॉक स्प्लिट के लिए 14 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है, जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन-कौन से निवेशक स्टॉक स्प्लिट का लाभ पाने के पात्र होंगे। जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में रिकॉर्ड डेट तक डेल्फी वर्ल्ड मनी लिमिटेड के शेयर मौजूद होंगे, उन्हें स्प्लिट के बाद अतिरिक्त शेयर मिलेंगे। वहीं, एक्स-डेट के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशक इस स्टॉक स्प्लिट के लाभ के हकदार नहीं होंगे।

Also Read: Bonus Issue: निवेशकों की चांदी! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां बांटने जा रही हैं बोनस शेयर, जानें रिकॉर्ड डेट

निवेशकों के लिए स्टॉक स्प्लिट का क्या मतलब?

स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की कुल शेयर संख्या बढ़ जाती है, लेकिन कंपनी का कुल मार्केट कैप या निवेशकों की कुल होल्डिंग वैल्यू में कोई सीधा बदलाव नहीं होता। स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत उसी अनुपात में एडजस्ट हो जाती है, जिस अनुपात में फेस वैल्यू बदली जाती है। उदाहरण के तौर पर, फेस वैल्यू 10 रुपये से 2 रुपये होने पर शेयरों की संख्या पांच गुना हो जाती है, जबकि निवेश की कुल कीमत पहले जैसी ही रहती है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्टॉक स्प्लिट को अक्सर एक पॉजिटिव कॉरपोरेट एक्शन के तौर पर देखा जाता है। इससे शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच में आता है और ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ सकती है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि स्टॉक स्प्लिट अपने आप में कंपनी के फंडामेंटल्स या मुनाफे को नहीं बदलता।

निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे स्टॉक स्प्लिट से जुड़ी एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट को ध्यान में रखते हुए अपने निवेश से जुड़े फैसले लें। कुल मिलाकर, अगले हफ्ते डेल्फी वर्ल्ड मनी लिमिटेड का यह स्टॉक स्प्लिट शेयर बाजार में चर्चा का विषय बना रह सकता है और निवेशकों की नजर इस शेयर पर टिकी रह सकती है।

First Published : February 7, 2026 | 4:38 PM IST