गोयल ने कहा कि यह समझौता निष्पक्ष और संतुलित विकास की दिशा में एक कदम है, जो हमारे देश के भविष्य के लिए नई उम्मीदें और दृढ़ संकल्प पैदा करता है | फोटो: PTI
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी खबर दी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क फाइनल कर लिया है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। गोयल ने कहा कि कल रात यह फ्रेमवर्क पूरा हुआ और पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है।
गोयल ने बताया कि इस समझौते से अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ काफी कम कर दिए हैं या कई पर खत्म भी कर दिए हैं। खास तौर पर जेम्स एंड ज्वेलरी, दवाइयां, स्मार्टफोन, मशीनरी पार्ट्स, टेक्सटाइल और लेदर जैसे प्रोडक्ट्स को फायदा होगा। किसानों के लिए तो यह और भी अच्छी बात है।
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मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, काजू, आम, केला, अमरूद, अनानास और इनसे बने जैम-जूस जैसे प्रोसेस्ड आइटम्स पर अमेरिका में अब जीरो टैरिफ लगेगा। गोयल ने साफ कहा कि चावल, गेहूं, चीनी, बाजरा और दालें जैसी संवेदनशील चीजें पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी, इन पर कोई बदलाव नहीं हुआ।
इसके अलावा मशीनरी, एयरक्राफ्ट पार्ट्स, खिलौने, सिल्क, लेदर, होम डेकोर आइटम्स और हाई-टेक प्रोडक्ट्स जैसे सेमीकंडक्टर व क्वांटम डिवाइसेज को भी अमेरिकी बाजार में बेहतर एक्सेस मिलेगा। गोयल ने जोर देकर कहा कि यह डील भारत या अमेरिका किसी को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि युवाओं और इंडस्ट्री के लिए नए मौके लाती है। इससे रोजगार बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
गोयल ने कहा कि यह समझौता हमारे 1.4 अरब लोगों के लिए गर्व की बात है। यह एक कदम है जो संतुलित विकास की तरफ ले जाता है। इससे भारत के निर्यात बढ़ेंगे, अमेरिका से रिश्ते मजबूत होंगे और कृषि, मैन्युफैक्चरिंग व टेक्नोलॉजी सेक्टर में लंबे समय तक फायदे मिलेंगे। यह विकसित भारत के सपने को भी करीब लाएगा।
वाणिज्य मंत्री ने दावा किया कि अभी यह अंतरिम फ्रेमवर्क है। दोनों देश अब पूरे बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत जारी रखेंगे। फिलहाल भारतीय बिजनेस और एक्सपोर्टर्स को ट्रेड में कम अनिश्चितता और तुरंत फायदे मिलने की उम्मीद है।