जैसे-जैसे भारत का डेमोग्राफिक माहौल बदल रहा है, रियल एस्टेट सेक्टर को बदलते माहौल के हिसाब से काम करना होगा। रियल एस्टेट के दिग्गज अब छोटे शहरों को खास तवज्जो देने के साथ बुजुर्गों के लिए खास टाउनशिप जैसी परियोजना में जोर दे रहे हैं। एआई के इस्तेमाल की खुलकर बात की जा रही है। इंडस्ट्री के बड़े लीडर्स ने सीनियर लिविंग (बुजुर्गों के लिए खास आवासीय परियोजना) को सबसे बड़ा “ब्लू ओशन” मौका बताते हुए अनुमान लगाया है कि 2050 तक यह मार्केट 3,600 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक बढ़ जाएगा।
क्रेडाई के महाकॉन 2026 सेमिनार में उद्योग जगत के लोगों को संबोधित करते हुए क्रेडाई के चेयरमैन और रुस्तमजी ग्रुप के सीएमडी बोमन ईरानी ने कहा कि हमने इस सेक्टर में जबरदस्त बदलाव देखे हैं और अब हम एक बड़े मौके के मुहाने पर खड़े हैं, जहां इंडस्ट्री ने पिछले दस सालों में पहले ही लगभग 130 फीसदी ग्रोथ देखी है और अगले 10 सालों में 10 लाख करोड़ रुपये का सेक्टर बनने की राह पर है।
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सीनियर लिविंग इंडियन रियलटर्स के लिए एक खास तौर पर मजबूत मौका है, जब सीनियर लिविंग मार्केट के 2050 तक 3,600 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही, इंडिया में क्वालिटी कमर्शियल रियल एस्टेट की कमी है, और इस सेगमेंट में बहुत ज्यादा संभावनाएं है, जहां ओवरऑल मार्केट के 2035 तक 1.43 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।
ईरानी ने एकेडमिक दुनिया और रियल एस्टेट इंडस्ट्री के बीच मजबूत कोलेबोरेशन की भी अपील की। आईआईटी और रियल एस्टेट प्लेयर्स जैसे इंस्टीट्यूशन इनोवेशन को बढ़ावा देने, टेक्नोलॉजी अपनाने में सुधार करने और देश की इकोनॉमिक ग्रोथ में ज्यादा असरदार तरीके से योगदान देने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नॉलेज का तोहफा सबसे अच्छा तोहफा है, इस सेक्टर की लंबे समय की तरक्की के लिए लगातार सीखना, एक्सपर्टीज शेयर करना और स्किल्स को अपग्रेड करना जरूरी है। भारत को अब एक डेटा-ड्रिवन रियल एस्टेट सेक्टर की जरूरत है जो प्लानिंग, सेल्स, फाइनेंस और कस्टमर एक्सपीरियंस में बेहतर फैसले लेने, पारदर्शिता और एफिशिएंसी के लिए एआई का लाभ उठाए।
दुनिया तेजी से बदल रही है और महाराष्ट्र भी बदल रहा है। नए इंफ्रास्ट्रक्चर, कॉरिडोर और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स राज्य के आर्थिक और शहरी माहौल को नया आकार दे रहे हैं। बेहतर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और रीजनल कनेक्टिविटी की वजह से शहरों के बीच की दूरी कम हो गई है, जिससे पारंपरिक शहरी हब से आगे बढ़कर पूरे महाराष्ट्र में इन्वेस्टमेंट, डेवलपमेंट और रोजगार के नए मौके खुल रहे हैं।
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रियल एस्टेट मार्केट में 2025 में 12,200 करोड़ रुपये के 269 एसएमई आईपीओ आए, जबकि 2024 में 9,500 करोड़ रुपये के 246 एसएमई आईपीओ आए। अर्थशास्त्री दीपक करंजीकर ने कहा कि आने वाले दशक (2026–2036) में रियल एस्टेट सेक्टर का महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। जिसमें राज्य की नीतियों को बड़ा योगदान है।
इस सेमिनार में 500 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें डेवलपर्स, पॉलिसी मेकर्स और फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स शामिल थे, जिन्होंने अगले दशक में सेक्टर को 10 लाख करोड़ रुपये की इंडस्ट्री बनाने के लिए अपने योगदान पर बल दिया। महाकॉन में रियल एस्टेट के दिग्गजों ने ग्राहक के भरोसे, सही व्यवहार और इनोवेशन के प्रति अपने वादे को दोहराया। नॉलेज शेयरिंग, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी, और टेक्नोलॉजी, डेटा और एआई को अपनाने पर जोर दिया।