facebookmetapixel
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोर

पुणे में संपत्ति पंजीकरण में नवंबर में 11 प्रतिशत की गिरावट: रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, पुणे में नवंबर 2024 में 13,371 संपत्ति पंजीकरण दर्ज किए गए, जिससे राज्य के खजाने में 475 करोड़ रुपये का राजस्व आया।

Last Updated- December 15, 2024 | 8:28 AM IST
Real Estate
Representative Image

मजबूत मांग के बावजूद नवंबर में पुणे में संपत्तियों का पंजीकरण सालाना आधार पर 11 प्रतिशत घटकर 13,371 इकाई रह गया। रियल एस्टेट परामर्श कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया ने शनिवार को एक रिपोर्ट में यह कहा।

रिपोर्ट के अनुसार, पुणे में नवंबर 2024 में 13,371 संपत्ति पंजीकरण दर्ज किए गए, जिससे राज्य के खजाने में 475 करोड़ रुपये का राजस्व आया। पिछले साल नवंबर में शहर में 14,988 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ था।

इस साल अक्टूबर में 20,894 इकाइयों की तुलना में नवंबर में संपत्तियों के पंजीकरण में 36 प्रतिशत की गिरावट आई। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) शिशिर बैजल ने कहा, “पुणे के संपत्ति बाजार में खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं और बाजार स्थितियों के अनुरूप पंजीकरण में लगातार वृद्धि हो रही है।”

इन आंकड़ों पर पुणे स्थित गेरा डेवलपमेंट्स के प्रबंध निदेशक रोहित गेरा ने कहा कि नवंबर में पंजीकरण आम तौर पर सितंबर में की गई बिक्री के परिणामस्वरूप होता है।

गेरा ने कहा, “बढ़ी हुई कीमतों के साथ-साथ घरों के आकार में वृद्धि के परिणामस्वरूप बिक्री में मामूली मंदी आई है, जिससे कुल घरों की कीमतें वहनीयता की सीमा तक पहुंच गई हैं।

इस महीने की संख्या में कमी का दूसरा कारण हर साल त्यौहारी सीजन की तारीखों में होने वाला बदलाव हो सकता है। यह बताने में कुछ महीने लगेंगे कि यह एक असामान्यता है या एक चलन। इन्फ्रामंत्रा के निदेशक और सह-संस्थापक गर्वित तिवारी ने कहा, “नवंबर में पुणे में संपत्ति पंजीकरण में गिरावट बाजार में किसी भी कमजोरी का लक्षण नहीं है।

उन्होंने कहा, “यह संपत्ति चाहने वालों की मजबूत मांग को दर्शाता है, और कोई भी गिरावट उच्च आधार प्रभाव के कारण हो सकती है।” तिवारी ने कहा कि पिछले साल, आवास बाजार ने भारतीय शहरों में रिकॉर्ड उच्च संपत्ति बिक्री देखी।

उन्होंने कहा, “बुनियादी ढांचे की मजबूत वृद्धि, सामर्थ्य, रोजगार के अवसर और गृह स्वामित्व की भावनाएं पुणे आवास बाजार के लिए मजबूत चालक रहे हैं।”

First Published - December 15, 2024 | 8:28 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट