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एरिक्सन के एशिया प्रशांत के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी मैग्नस एवरब्रिंग की राय

6जी पर मौजूदा शोध के बावजूद वैश्विक स्तर पर प्रमुख मोबाइल तकनीक एक दशक से भी ज्यादा तक 5जी ही रहेगी।

Last Updated- July 08, 2025 | 11:07 PM IST
टेलीकॉम कंपनियों का मानना है कि...हाई बैंड स्पेक्ट्रम खोलना 5G के लिए नाकाफी, Opening up several high band spectrum not enough for 5G, say telcos

5जी तकनीक से कमाई करने के लिए दुनिया भर के मोबाइल ऑपरेटरों, कारोबारों और संस्थानों ने 5जी के अलग-अलग समाधानों को लागू करना शुरू कर दिया है। अब उनके लिए कारोबार को आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है। यह कहना है एरिक्सन के एशिया प्रशांत (एपीएसी) के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी मैग्नस एवरब्रिंग का।

एवरब्रिंग ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि 6जी पर मौजूदा शोध के बावजूद वैश्विक स्तर पर प्रमुख मोबाइल तकनीक एक दशक से भी ज्यादा तक 5जी ही रहेगी। अक्टूबर 2022 में इसकी शुरुआत के बाद से देश के सभी राज्यों में 5जी सेवा शुरू की जा चुकी है और ग्राहकों की संख्या 25 करोड़ पार कर गई है। अलबत्ता दूरसंचार परिचालक रिलायंस जियो और भारती एयरटेल को इस सेवा से कमाई करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी है।

एवरब्रिंग ने कहा कि टी-मोबाइल ने अमेरिका में 5जी स्लाइसिंग ऐप्लिकेशन पेश की हैं जहां वह न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के लोगों द्वारा पहने जाने वाले बॉडीकैम के लिए 5जी वाली स्लाइस मुहैया करा रही है। एवरब्रिंग ने बताया कि इस बीच सिंगापुर में नैशनल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ने 5जी कनेक्टिविटी और एक्सटेंडेड रियल्टी (एक्सआर) लेंस का उपयोग करते हुए सर्जरी के लिए खुद की ऐप्लिकेशन विकसित की है। उन्होंने कहा, ‘सर्जरी से पहले रोगी के शरीर का हाई-रिजॉल्यूशन का बाहरी स्कैन किया जाता है। शरीर की चीर-फाड़ के बाद सर्जन द्वारा पहना जाने वाला एक्सआर चश्मा लीवर पर ट्यूमर की सटीक जगह बता देता है।’

उन्होंने कहा कि सर्जरी करने का समय बहुत कम हो गया है। ज्यादा ऑपरेशन कामयाब हुए हैं और मृत्यु दर में कमी आई है। एवरब्रिंग ने कहा कि स्मार्ट ग्लास (चश्मे) के इस बड़े क्षेत्र में रे-बैन जैसी कई प्रमुख कंपनियों ने स्मार्ट ग्लास के विभिन्न संस्करण पेश किए हैं। वर्तमान में ये चश्मे आम तौर पर किसी स्मार्टफोन से जुड़े होते हैं, जो नेटवर्क से जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि अलबत्ता इस तकनीक में अगला अनुमानित विकास ‘चश्मे में ही सब कुछ शामिल करना’ है।

ये उपकरण नई कार्यक्षमता प्रदान करने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उठाते हैं। जैसे कि जब कोई उपयोगकर्ता किसी चीज या किसी व्यक्ति को देखता है, तो लेंस पर अतिरिक्त जानकारी दिखाना। एवरब्रिंग ने कहा उपयोगकर्ता इस तरह का सवाल भी पूछ सकते हैं कि वे क्या देख रहे हैं और वे मार्गदर्शन भी ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में मनोरंजन और जानकारी से संबंधित उपयोग के ज्यादातर मामलों के लिए नियामकीय चुनौतियों के संबंध में कोई खास चिंता की बात नहीं है। हालांकि अगर किसी उपकरण की सेवाएं निजता या सुरक्षा सरोकारों का अतिक्रमण करती हैं, खास तौर पर जब सार्वजनिक रूप से रिकॉर्डिंग की जाती है, तो स्थानीय नियामक हस्तक्षेप कर सकते हैं।

 

First Published - July 8, 2025 | 10:34 PM IST

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