प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
टाटा स्टील ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट इस दौरान पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गया। कंपनी ने 2,688.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह सिर्फ 326.64 करोड़ रुपये था। यह सालाना आधार पर 723.1 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी है।
इस उछाल का बड़ा कारण कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में आई मजबूती है। जहां पिछले साल मार्जिन महज 0.55 फीसदी था, वहीं इस बार यह बढ़कर 4.79 फीसदी पर पहुंच गया। हालांकि, पिछली तिमाही (Q2FY26) से देखें तो मुनाफा 13.3 फीसदी घटा है। पिछली तिमाही में कंपनी ने 3,101.75 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
ऑपरेशंस से कंपनी की कमाई सालाना आधार पर 6.4 फीसदी बढ़कर 56,646.05 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू 53,231.28 करोड़ रुपये था। लेकिन पिछली तिमाही के 58,216.04 करोड़ रुपये से इस बार 2.7 फीसदी की गिरावट आई।
Ebitda (ब्याज, टैक्स, डेप्रिशिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 39 फीसदी उछलकर 8,309 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। Ebitda मार्जिन भी करीब 15 फीसदी रहा।
कंपनी के CEO और MD टी वी नरेंद्रन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बनी हुई हैं। चीन से स्टील का निर्यात बहुत ज्यादा है, जो 119 मिलियन टन पहुंच गया और यह 2015 के रिकॉर्ड से भी ज्यादा है। टैरिफ, भू-राजनीतिक बदलाव और नीतियों में अंतर के बावजूद टाटा स्टील ने अच्छा प्रदर्शन किया।
भारत में क्रूड स्टील का उत्पादन 12 फीसदी बढ़ा, जबकि डिलिवरी इससे भी तेज 14 फीसदी बढ़ी और पहली बार किसी तिमाही में 60 लाख टन के पार चली गई।
ऑटोमोटिव सेक्टर में वॉल्यूम 20 फीसदी बढ़े। रिटेल कारोबार में भी रफ्तार आई। टाटा टिस्कॉन ब्रांड की ग्रोथ जारी रही। कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म आशियाना और डिजीका ने इस तिमाही में 2,380 करोड़ रुपये का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू हासिल किया, जो पिछले साल से 68 फीसदी ज्यादा है।