कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने इक्विटी निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने की कवायद कर रहा है। संगठन अब बेंचमार्क एनएसई निफ्टी और बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) से इतर सेक्टर और स्टाइल आधारित इंडेक्स में कदम रख सकता है।
ईपीएफओ की निवेश समिति (आईसी) 31 लाख करोड़ रुपये का प्रबंधन करती है। उम्मीद की जा रही है कि 10 फरवरी को होने जा रही बैठक में उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया जाएगा। इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि समिति उभरते हुए क्षेत्रों जैसे रेयर अर्थ, रेलवे, और रक्षा क्षेत्र में निवेश करने की व्यावहारिकता पर भी विचार करेगी।
समिति की दिसंबर 2025 में हुई पिछली बैठक में क्रिसिल को ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन) का इस्तेमाल कर निवेश की संभावनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत करने को कहा गया था। 31 दिसंबर, 2025 तक ईपीएफओ के कुल पोर्टफोलियो का 10.57 प्रतिशत इक्विटी में निवेश किया गया हैं।
यह पहली बार नहीं हो रहा है, जब औपचारिक क्षेत्र में नौकरी करने वाले लोगों की सेवानिवृत्ति बचत के प्रबंधक शेयर बाजार के दो सूचकांकों से इतर निवेश करने पर विचार करने जा रहे हैं। इस तरह की कवायद 2016 में भी की गई थी, लेकिन वह मूर्त रूप नहीं ले सकी। उस समय ईपीएफओ द्वारा गठित विशेषज्ञों की समिति ने बीएसई और एनएसई नेक्स्ट 50 सूचकांकों के साथ बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में निवेश का सुझाव दिया था।
समिति में एलआईसी व नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट के प्रतिनिधि भी शामिल थे। ताजा पहल नवंबर 2024 में शुरू हुई, जब समिति ने ईपीएफओ के सलाहकार क्रिसिल से विविधीकरण के विकल्पों का नए सिरे से अध्ययन करने को कहा था। सलाहकार को विभिन्न सूचकांकों के बाजार आकार और उनके उतार-चढ़ाव के स्तर के साथ जोखिम समायोजित रिटर्न प्रोफाइल का विश्लेषण करने को कहा गया है।
क्रिसिल ने ईपीएफओ के इक्विटी में निवेश के विविधीकरण के लिए संभावित सेक्टरल और फैक्टरल इंडेक्स की एक सूची प्रस्तुत की है। उल्लिखित कुछ सेक्टरल इंडेक्स में बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, सूचना प्रौद्योगिकी, वैश्विक इंडेक्स और एफएमसीजी जैसे क्षेत्र हैं जबकि फैक्टरल इंडेक्स में रक्षा, आईपीओ, रेलवे और सेवाएं शामिल हैं।
क्रिसिल ने अध्ययन में निफ्टी ईवी व न्यू एज ऑटोमोटिव टीआरआई, निफ्टी इंडिया डिफेंस टीआरआई और निफ्टी 100 ईएसजी सेक्टर लीडर्स टीआरआई को शामिल किया। क्रिसिल ने पांच सूचकांक की भी पहचान की है।