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देश भर में सरपट दौड़ेगी भारत टैक्सी, क्या ओला, उबर और रैपिडो को दे पाएगी कड़ी टक्कर

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव को दुनिया की ऐसी पहली राष्ट्रीय मोबिलिटी सेवा कहा जा रहा है जहां स्वामित्व ड्राइवरों के पास है

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उदिशा श्रीवास्तव   
Last Updated- February 05, 2026 | 10:26 PM IST

सहकारिता मंत्रालय ने आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में ऐप आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ की औपचारिक शुरुआत की। यह शून्य कमीशन वाली सेवा ओला, उबर और रैपिडो जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों से मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इसने दिल्ली एनसीआर में ही कार, ऑटो रिक्शा एवं बाइक के लिए 2.5 लाख से अधिक ड्राइवरों और 8.5 लाख से अधिक ग्राहकों को जोड़ा है।

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव को दुनिया की ऐसी पहली राष्ट्रीय मोबिलिटी सेवा कहा जा रहा है जहां स्वामित्व ड्राइवरों के पास है। इसकी शुरुआत पिछले साल दिसंबर में की गई थी।

शाह ने कहा कि तीन साल के भीतर देश के विभिन्न हिस्सों में इसका विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘अगले तीन वर्षों में भारत टैक्सी सेवा का विस्तार कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश में किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि यहां प्लेटफॉर्म शुल्क, सर्ज शुल्क या अन्य छिपा हुआ शुल्क जैसा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा।

मंत्री ने कहा, ‘इस सहकारी टैक्सी सेवा की शुरुआत करते हुए मैंने कहा था कि हमें नहीं मालूम कि यह कितनी बड़ी होगी। मगर आने वाले वर्षों में इसका विस्तार पूरे देश में किया जाएगा जिससे टैक्सी ड्राइवरों को फायदा होगा। मैंने स्पष्ट किया था कि सरकार टैक्सी क्षेत्र में उतर नहीं रही है ब​ल्कि यह एक सहकारी पहल है जहां खुद टैक्सी ड्राइवर मालिक हैं। इस सहकारी टैक्सी से जुड़े हर ड्राइवर का इसमें स्वामित्व होगा और यह उनके कल्याण के लिए काम करेगा।’

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये सीधे तौर पर ड्राइवरों को वितरित किए गए हैं और इस प्लेटफॉर्म पर रोजाना 10,000 से अधिक राइड पूरी की जा रही हैं। दूसरी ओर राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो ने पिछले साल कहा था कि वह अपनी मोटरबाइक, ऑटो रिक्शा और कार सेवाओं के लिए रोजाना 43 लाख राइड दर्ज कर रही है जो ओला के मुकाबले तिगुना और उबर के मुकाबले करीब 40 फीसदी अधिक है। गूगल प्ले स्टोर पर ओला, उबर और रैपिडो में हरेक 10 करोड़ से अधिक डाउनलोड थे, जबकि भारत टैक्सी के अब तक 5 लाख से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं।

ओला, उबर, रैपिडो और भारत टैक्सी के किराये की तुलना करने से पता चला कि कई जगहों (जैसे दिल्ली में आईटीओ से द्वारका और आईटीओ से सेक्टर 52) के लिए दोपहिया और तिपहिया वाहनों के मामले में भारत टैक्सी के किराये अधिक थे।

उदाहरण के लिए, आईटीओ से द्वारका के बीच, ओला पर बाइक का किराया 289 रुपये, रैपिडो पर 235 रुपये, उबर पर 231 रुपये और भारत टैक्सी पर 266 रुपये था। इसके लिए ऑटो का किराया भारत टैक्सी पर 425 रुपये, ओला पर 367 रुपये, उबर पर 334 रुपये और रैपिडो पर 401 रुपये था।

आईटीओ और नोएडा सेक्टर 52 के मेट्रो स्टेशन के बीच कैब सेवा बुक करते समय किराया अन्य प्लेटफॉर्म के मुकाबले न तो बहुत अधिक और न ही कम था। ओला पर किराया 462 से 481 रुपये, रैपिडो पर 466 से 538 रुपये, उबर पर 537 रुपये और भारत टैक्सी पर 501 रुपये किराया दिखा।

भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप्लिकेशन ड्राइवरों और ग्राहकों के लिए अन्य प्लेटफॉर्म की ही तरह इनऐप ग्राहक सपोर्ट सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही मुनाफा सीधे तौर पर ड्राइवरों को हस्तांतरित किया जाएगा। इससे मूल्य निर्धारण को पारद​र्शी बनाए रखने में मदद मिलेगी और दोनों पक्षों यानी ड्राइवरों और ग्राहकों की चिंताओं को सुने बिना कोई खाता बंद नहीं किया जाएगा।

इस बीच, भारत टैक्सी के ड्राइवरों को ‘सारथी’ कहा जाता है। वे सहकारी समिति के सदस्य और सह-मालिक भी हैं। हर ड्राइवर के पास शेयर हैं और वे नेतृत्व का चुनाव करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत टैक्सी के पास ‘सारथी दीदी’ भी हैं जहां पहले से ही 150 महिला ड्राइवर मौजूद हैं।

इस कार्यक्रम के तहत महिला ग्राहकों के पास महिला ड्राइवरों द्वारा संचालित राइड चुनने का विकल्प होगा। इसके अलावा ड्राइवर गिग कर्मियों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। इसमें 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा कवर शामिल हैं। इस बीच, कैब एग्रीगेटर यूनियनों ने इस पहल का स्वागत किया है।

इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (आईएफएटी) और तेलंगाना गिग ऐंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (टीजीपीडब्ल्यूयू) के शेख सलाउद्दीन ने कहा, ‘हम भारत टैक्सी का राइड-हेलिंग सेवाओं में शोषण वाले कमीशन आधारित मॉडल को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तौर पर पुरजोर स्वागत करते हैं। पहली बार ड्राइवरों को गिग श्रमिकों के तौर पर नहीं बल्कि मालिक के रूप में पहचान मिल रही है। इस सहकारी मॉडल में सम्मान बहाल करने, उचित आय सुनिश्चित करने और परिवहन श्रमिकों को लंबे समय से प्रतीक्षित सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता है।’

भारत टैक्सी मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज ऐक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत देश का पहला सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। भारत टैक्सी एक सहकारी मॉडल है और इसलिए ड्राइवर प्रति राइड कमीशन के बजाय एक नि​श्चित ऐक्सेस शुल्क का भुगतान करते हैं। इसमें सर्ज प्राइसिंग ढांचा नहीं होगा।

मोबिलिटी प्लेटफॉर्मो ने भी इस पहल का स्वागत किया है। रैपिडो के एक बयान में भारत टैक्सी का स्वागत किया गया है और इसे जनता के लिए उपलब्ध मोबिलिटी विकल्पों में अन्य के तौर पर बताया गया है। एक व्यक्ति ने बताया उबर कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करती है। वह अपनी प्रौद्योगिकी से लैस सपोर्ट सिस्टम, ग्राहक सेवा और ​शिकायक निपटान के साथ खुद को दूसरों से अलग करती है।

भारत टैक्सी ऐप तत्काल राइड बुकिंग सेवाओं के अलावा उपयोगकर्ताओं को मेट्रो टिकट और रेंटल और इंटरसिटी राइड बुक करने की भी अनुमति दे रहा है।

First Published : February 5, 2026 | 10:22 PM IST