इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) का दिसंबर 2025 को समाप्ति तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ छह गुना बढ़कर 13,502 करोड़ रुपये हो गया जबकि पिछले वित्त वर्ष की इस तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,147 करोड़ रुपये था।
आईओसीएल ने आज बताया कि बेहतर सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम), तरलीकृत पेट्रोलियम गैस सिलिंडर की बिक्री पर अंडर रिकवरी के लिए सरकारी मार्जिन और कच्चे तेल के दाम सुस्त रहने के कारण इस तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ बढ़ा।
इंडियन ऑयल का दिसंबर तिमाही के दौरान परिचालन से राजस्व 7.7 प्रतिशत बढ़कर 2.36 लाख करोड़ रुपये हो गया।
आईओसी का औसत जीआरएम अप्रैल से दिसंबर बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में दोगुना बढ़कर 8.41 डॉलर प्रति बैरल हो गया जबकि यह बीते वर्ष की समान अवधि में 3.69 डॉलर प्रति बैरल था।
दिसंबर, 2025 के अंत में एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री पर रिफाइनर की अंडर-रिकवरी 24,318 करोड़ रुपये रही। लिहाजा भारत सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए 14,486 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसका वितरण नवंबर, 2025 से शुरू होकर 12 समान मासिक किश्तों में किया जाएगा।