सरकारी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अपनी रियल एस्टेट संपत्तियों से कमाई करने की कवायद में है, जिससे कंपनी के पॉलिसीधारकों को बेहतर रिटर्न दिया जा सके। देश के कई महंगे इलाकों में एलआईसी की जमीनें हैं। बहरहाल कंपनी इन संपत्तियों को बेचकर धन जुटाने पर विचार नहीं कर रही है।
कंपनी के एमडी और सीईओ आर दोराईस्वामी ने गुरुवार को कहा, ‘हम अपनी रियल एस्टेट पोर्टफोलियो से लाभ उठाना चाहते हैं, जिनसे हमें बेहतरीन मुनाफा मिल सके।’ एलआईसी की जमीनों का बाजार भाव 45,000 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रबंधन ने कहा कि संपत्ति के इस्तेमाल और कार्यप्रणाली से इस भूमि का बाजार मूल्य बदलता रहता है।
उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे पास प्रबंधन के लिए बड़ा रियल एस्टेट पोर्टफोलियो है। हम इन संपत्तियों के इस तरह से प्रबंधन करने पर विचार कर रहे हैं, जिससे हमारा मुनाफा बढ़ सके और उनसे बेहतर कमाई हो सके, ताकि पॉलिसीधारकों को बेहतर मुनाफा मिल सके।’
बहरहाल एलआईसी प्रबंधन ने यह साफ नहीं किया है कि वह इन संपत्तियों से मुनाफा कैसे कमाएंगे और उनकी योजना क्या है, लेकिन कहा कि रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) एक विकल्प है, जिस पर वह विचार करेंगे।
दोराईस्वामी ने कहा, ‘हम अपनी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन पर विचार कर रहे हैं ताकि हमें उनसे सर्वोत्तम रिटर्न मिल सके। इसमें अतिरिक्त स्थान की पहचान करना या बनाना, बेहतर किराये वाले स्थानों को किराये पर देना शामिल है। भूमि धारिता के साथ संपत्तियों से बेहतर मुनाफा सुनिश्चित करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को इसका सर्वोत्तम लाभ मिल सके।’
एलआईसी का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 17 प्रतिशत बढ़कर 12,958 करोड़ रुपये रहा। एलआईसी ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 11,056 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
एलआईसी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि इस तिमाही के दौरान बीमा कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,25,613 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में 1,06,891 करोड़ रुपये थी।
कुल आय भी दिसंबर तिमाही में बढ़कर 2,33,984 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,01,994 करोड़ रुपये थी। एलआईसी का नए कारोबार से प्रीमियम चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 10,605 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7,285 करोड़ रुपये था।