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Pariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्यान

PM मोदी ने 'प्रधानमंत्री के साथ परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के नौवें संस्करण के दौरान छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि पढ़ाई बोझ नहीं होनी चाहिए।

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- February 06, 2026 | 10:46 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को छात्रों को सलाह दी कि वे देश में डेटा सस्ता होने के कारण इंटरनेट पर समय बर्बाद न करें और अपने जीवन एवं शैक्षिक कौशल को निखारने पर ध्यान केंद्रित करें। मोदी ने ‘प्रधानमंत्री के साथ परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के नौवें संस्करण के दौरान छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि पढ़ाई बोझ नहीं होनी चाहिए। सभी को इसमें पूरी तरह शामिल होना चाहिए, क्योंकि आधे-अधूरे मन से की गई पढ़ाई जीवन को सफल नहीं बनाती। 

उन्होंने यहां अपने आवास पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों से कहा, ‘शिक्षा मजबूरी नहीं होनी चाहिए। शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए। हमारी पूरी तल्लीनता चाहिए। अगर पूरी तल्लीनता से पढ़ाई नहीं की है, तो फिर आधी-अधूरी शिक्षा, जीवन को कहीं सफल नहीं बनने देती।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अंकों पर ध्यान देने के बजाय सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए कि वे जीवन में कहां पहुंचे हैं। आपके माता-पिता, शिक्षक या साथी क्या कहते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता, खुद पर भरोसा रखिए और अपने सामने आने वाले सभी सुझावों पर विचार करते हुए अपने हिसाब से चलिए।’

मोदी ने बच्चों से कहा, ‘हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच के भीतर हो, लेकिन आसानी से प्राप्त होने वाला न हो। पहले मन को साधो, फिर मन को जोड़ो और फिर जिन विषयों की पढ़ाई करनी है, उन्हें सामने रखो। तब आप हमेशा सफल होंगे।’

गेमिंग एक कौशल

मोदी ने छात्रों को मनोरंजन के लिए ‘गेम’ खेलने में समय बर्बाद नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘आपकी गेमिंग में रुचि है लेकिन भारत में डेटा सस्ता है तो सिर्फ समय काटने के लिए इसमें लिप्त न हों। इसे मनोरंजन के लिए न करें। जो लोग पैसे कमाने के लिए गेमिंग में लिप्त होते हैं, उनका ही नुकसान होता है। हमें देश में जुए को बढ़ावा नहीं देना है। मैंने ऑनलाइन जुए के खिलाफ कानून बनाया है।’ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि गेमिंग एक कौशल है, क्योंकि इसमें काफी गति होती है और इसका उपयोग सतर्कता परखने तथा आत्म-विकास के लिए किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर किसी का कार्य करने का अपना तरीका या शैली होती है।

उन्होंने कहा, ‘जो बीत गया, मैं उसे नहीं देखता। मैं हमेशा आगे आने वाली चीजों के बारे में सोचता हूं। कुछ शिक्षक होते हैं जो केवल महत्त्वपूर्ण चीजें पढ़ाते हैं और अच्छे अंक लाने में आपकी मदद कर सकते हैं, लेकिन अच्छे शिक्षक सर्वांगीण विकास के लिए पूरा पाठ्यक्रम पढ़वाते हैं। जीवन में केवल परीक्षा अहम नहीं है। शिक्षा हमारे विकास का माध्यम है।’

‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण का प्रसारण संसद परिसर स्थित बाल योगी सभागार में भी किया गया। साल 2018 में शुरू हुए ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में ‘टाऊनहॉल’ के प्रारूप में छात्रों से बातचीत होती थी और यह धीरे-धीरे भारत का सबसे बड़ा शिक्षा से संबंधित सहभागिता वाला कार्यक्रम बन गया। वर्ष 2023 में लगभग 38.8 लाख बच्चों ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया और यह 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.26 करोड़ हो गया। 2025 में यह आंकड़ा 3.53 करोड़ तक पहुंच गया और ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बन गया।

वहीं, नौवें संस्करण ने 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण के साथ पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस वर्ष, गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए गए।

First Published : February 6, 2026 | 10:46 PM IST