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Suzlon Energy Share: छह महीने में 30% टूटा, Q3 में कमाई 42% बढ़ी; क्या अब आ गया खरीदने का समय ?

Suzlon Share: मजबूत ऑर्डर बुक और 4.5 गीगावॉट की ऑपरेशनल एफिशियंसी के दम पर कंपनी ने काम की रफ्तार बढ़ाई है। 9 महीनों में 1.6 गीगावॉट क्षमता के विंड टरबाइन की डिलीवरी की है।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- February 06, 2026 | 1:44 PM IST

Suzlon Energy Share: सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है। पिछले छह महीने में शेयर 27 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है और पिछले कुछ सेशन से 50 रुपये के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने गुरुवार को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए जिसके बाद शेयर लगभग 4 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं, शुक्रवार को भी कंपनी के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। दोपहर 1:11 बजे सुजलॉन एनर्जी के शेयर बीएसई पर 0.56% की गिरावट लेकर 47.59 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। शेयर पर दबाव के बीच ब्रोकरेज हाउसेस ने स्टॉक पर अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है। ज्यादातर ब्रोकरेज कंपनियों ने स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस घटा दिया है।

Suzlon Energy Share पर ICICI Securities का टारगेट प्राइस: ₹65

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने सुजलॉन एनर्जी पर ‘BUY‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस घटाकर 65 रुपये कर दिया है। जबकि पहले यह 75 रुपये था। यह टारगेट शेयर के पिछले बंद भाव 47.86 रुपये से 35 प्रतिशत ज्यादा है।

ब्रोकरेज ने कहा कि सुजलॉन को पिछले दो सालों में नए ऑर्डर मिलने में मजबूत बढ़त देखने को मिली है। इसके चलते जनवरी 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 6.4 गीगावॉट हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक कंपनी को 3 गीगावॉट के मजबूत ऑर्डर मिले हैं। इसमें पब्लिक सेक्टर की कंपनियों (PSU) और इंडस्ट्रियल व कमर्शियल ग्राहकों से आए ऑर्डर का बड़ा योगदान रहा।

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ब्रोक्रेजे के अनुसार, मजबूत ऑर्डर बुक और 4.5 गीगावॉट की परिचालन क्षमता के दम पर कंपनी ने काम की रफ्तार भी बढ़ाई है। कंपनी ने 9 महीनों में 1.6 गीगावॉट क्षमता के विंड टरबाइन की डिलीवरी की है।

हालांकि, लॉन्ग टर्म आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन एनालिस्ट्स का कहना है कि जमीन अधिग्रहण और बिजली निकासी (इवैकुएशन) से जुड़ा ढांचा तैयार होने में देरी, शॉर्ट टर्म के लिए बड़े जोखिम हैं। फिर भी, मजबूत ऑर्डर बुक और काम पूरा करने की क्षमता में सुधार के चलते सुजलॉन भारत में बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी अभियान का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में बना हुआ है।

Suzlon Energy: कैसे रहे Q3 नतीजे ?

कंपनी का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत बढ़कर 445 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह 388 करोड़ रुपये हो गया। सुजलॉन एनर्जी ने बीएसई फाईलिंग में बताया कि कंपनी की कुल कमाई दिसंबर तिमाही में 42 फीसदी बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये हो गई। जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 2,969 करोड़ रुपये थी।

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फाईलिंग के अनुसार, तीसरी तिमाही में कंपनी के पास रिकॉर्ड 6.4 गीगावॉट का ऑर्डर बुक था। इस दौरान अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही डिलीवरी 617 मेगावॉट रही। साथ ही, 2.4 गीगावॉट के प्रोजेक्ट्स पर काम अभी चल रहा है।

 

(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published : February 6, 2026 | 1:37 PM IST