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ओएनजीसी को पोर्टफोलियो से हटाया

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Last Updated- December 12, 2022 | 1:21 AM IST

नॉर्वे के 1.4 लाख करोड़ डॉलर के आकार वाले वेल्थ फंड ने भारत की अग्रणी तेल एवं गैस कंपनी ओएनजीसी को अपने पोर्टफोलियो से हटा दिया है। साउथ सूडान में ओएनजीसी के कारोबार को लेकर पैदा हुई चिंताओं की वजह से फंड ने यह कदम उठाया है। दुनिया के सबसे बड़े सॉवरिन फंड ने ओएनजीसी के अलावा इजरायल की तीन फर्मों को भी अपने पोर्टफोलियो से अलग कर दिया है। इन फर्मों में एल्को और उसकी सहायक इकाइयां इलेक्ट्रा एवं ऐशट्रॉम शामिल हैं। वेल्थ फंड ने वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के साथ इन फर्मों के रिश्तों को देखते हुए ऐसा किया है। फंड से अलग की गई कंपनियों से फौरन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। फंड ने पोर्टफोलियो से बाहर किए जाने की सूचना सार्वजनिक करने के पहले ही उनकी होल्डिंग बेच दीं। ओएनजीसी के संदर्भ में फंड को बड़ी चिंता तेल पर आश्रित साउथ सूडान में स्थित दो संयुक्त उपक्रमों में उसकी भागीदारी को लेकर थी।

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First Published - September 4, 2021 | 9:18 AM IST

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