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ट्रंप की धमकी बेअसर, भारत ने अगस्त में रूस से रिकॉर्ड 22 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल मंगाया

रूस पर अमेरिकी दबाव और यूरोपीय प्रतिबंधों के बावजूद अगस्त में भारत ने रिकॉर्ड 22 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल मंगाया, जिससे उसकी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई।

Last Updated- August 05, 2025 | 10:36 PM IST
russia Crude oil
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत रूस से लगभग 22 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) तेल का आयात करने के करीब पहुंच गया है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की शुल्क से जुड़ी धमकियों एवं यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों के बीच यह तेल आयात का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा। जहाजों की आवाजाही से जुड़े आंकड़ों पर बिजनेस स्टैंडर्ड ने नजर डाली है और उसी में यह बात सामने आई है। 

यह आंकड़ा जून की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है और मई के 21 लाख बीपीडी से अधिक है। समुद्री मार्ग से होने वाले व्यापार पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर के आंकड़ों में यह बात सामने आई है। इस साल रूस से तेल का आयात 18 लाख बीपीडी के साथ सर्वाधिक रहा है।

निजी क्षेत्र की तेल शोधन कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज और यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों का सामना कर रही रूस की कंपनी रोजनेफ्ट द्वारा संचालित नायरा एनर्जी की इस महीने अब तक हुए तेल आयात में लगभग आधी हिस्सेदारी रही है। मंगलवार को जारी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार रिलायंस ने रिकॉर्ड 8.30 लाख बीपीडी और नायरा ने 3.30 लाख बीपीडी तेल का आयात किया है। नायरा ने रोजनेफ्ट की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

हालांकि, अगस्त में अब तक हुए आयात के आंकड़े महीने के अंत तक बदल भी सकते हैं। मगर मौजूदा रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि अगस्त में होने वाली आपूर्ति पर मोटे तौर पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस आपूर्ति के लिए ऑर्डर ईयू और अमेरिकी के हाल में आए प्रतिबंधों से पहले ही दिए गए थे। 

एक बड़े कारोबारी ने कहा कि भारतीय तेल शोधन कंपनियों के लिए ईयू के प्रतिबंधों का पालन करना जरूरी नहीं है। दूसरी बात यह है कि अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार 7 अगस्त से ट्रंप के जवाबी शुल्क के प्रभाव में आने से पहले शुरू हुई आपूर्ति पर कोई असर नहीं होगा। भारतीय उद्योग जगत के अधिकारियों ने कहा कि अगर रूस से तेल के आयात पर प्रतिबंध लागू किए जाते हैं तब भी ये 7 अगस्त या जुर्माने की तारीख से पहले शुरू हुई आपूर्ति (लोडिंग) पर लागू नहीं होंगे। 

दो अधिकारियों ने कहा कि मगर सितंबर में रूस से होने वाली तेल की आपूर्ति जरूर प्रभावित होगी क्योंकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका कितना जुर्माना लगाएगा और कब से यह लागू होगा। सितंबर में तेल आयात के ऑर्डर जुलाई अंत या अगस्त के पहले सप्ताह तक देना जरूरी था। रूस से आए तेल पर छूट 2 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है और जब तक रूस के कारोबारी जुर्माने की भरपाई करने के लिए तैयार नहीं होंगे तब तक यह भारतीय तेल शोधन कंपनियों के लिए अधिक फायदेमंद नहीं होगा। अधिकारियों ने कहा कि इसकी तुलना में इराक के बसरा, यूएई के मुरबन या अरब मीडियम के तेल से रूस से आया कच्चा तेल मुकाबला नहीं कर पाएगा।

रूस से तेल आयात करने पर शुल्क और बढ़ाने की ट्रंप की धमकी पर भारत सरकार को रास नहीं आई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ट्रंप की धमकी ‘गैर-वाजिब और बेतुका’ है। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए रूस या किसी भी देश से तेल खरीदने से नहीं हिचकेगा। 

First Published - August 5, 2025 | 9:57 PM IST

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