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Nayara ने माइक्रोसॉफ्ट पर लगाया बिना बताए डिजिटल सर्विसेज बंद करने का आरोप, कंपनी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट

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Nayara Energy ने माइक्रोसॉफ्ट पर बिना सूचना डिजिटल सेवाएं बंद करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और भारतीय कानून उल्लंघन की बात कही है।

Last Updated- July 28, 2025 | 7:19 PM IST
Microsoft
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

रूस के निवेश से समर्थित भारत की प्रमुख तेल रिफाइनिंग और मार्केटिंग कंपनी Nayara Energy ने अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। Nayara का आरोप है कि माइक्रोसॉफ्ट ने बिना किसी पूर्व सूचना या चर्चा के कंपनी की जरूरी डिजिटल सेवाओं को अचानक बंद कर दिया। कंपनी ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। 

Nayara Energy ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने कंपनी के डेटा, स्वामित्व वाले टूल्स और प्रोडक्ट्स को प्रतिबंधित कर दिया है, जबकि इनके लिए पूरी तरह से भुगतान किए गए लाइसेंस मौजूद हैं। कंपनी का दावा है कि माइक्रोसॉफ्ट ने यह कदम एकतरफा रूप से और बिना किसी पूर्व सूचना के उठाया, जिसे उन्होंने प्रतिबंधों के अनुपालन का हवाला देकर जायज ठहराया। Nayara के मुताबिक, यह कार्रवाई न तो अमेरिकी और न ही भारतीय कानून के तहत जरूरी थी।

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यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का असर

Nayara Energy, जो रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदती है, हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) के प्रतिबंधों की चपेट में आई है। कंपनी में रूसी तेल कंपनी रोसनेफ्ट सहित रूसी संस्थाओं की बड़ी हिस्सेदारी है। सूत्रों के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले मंगलवार को Nayara की सेवाएं बंद कर दीं, जिसके बाद कर्मचारियों के ईमेल अकाउंट और माइक्रोसॉफ्ट टीमें जैसी सुविधाएं अनुपलब्ध हो गईं। इस मामले पर माइक्रोसॉफ्ट ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।  

प्रतिबंधों के बाद Nayara को अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। कम से कम दो जहाजों ने Nayara के वडिनार रिफाइनरी से रिफाइंड उत्पादों को लोड करने से मना कर दिया। इसके अलावा, रूस के उराल्स क्रूड तेल को ले जा रहा एक टैंकर भी दूसरी दिशा में मोड़ दिया गया। साथ ही, कंपनी के सीईओ ने इस्तीफा दे दिया, और उनकी जगह सर्गेई डेनिसोव को नियुक्त किया गया।  

Nayara Energy ने भारत की ईंधन अर्थव्यवस्था में अपनी अहम भूमिका पर जोर दिया। कंपनी देश की रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 8 प्रतिशत और पेट्रोल पंप नेटवर्क का 7 प्रतिशत हिस्सा संभालती है। इसके अलावा, Nayara भारत की पॉलीप्रोपाइलीन क्षमता का भी करीब 8 प्रतिशत विकसित कर रही है। कंपनी ने कहा कि वह इन चुनौतियों के बावजूद भारत में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।  

Nayara ने अपने नारे “इन इंडिया, फॉर इंडिया” के तहत घरेलू बाजार पर ध्यान केंद्रित करने की बात दोहराई। कंपनी रिटेल आउटलेट्स, संस्थागत बिक्री और अन्य तेल मार्केटिंग कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए भारत की जरूरतों को पूरा करती है। इसके साथ ही, Nayara पेट्रोकेमिकल्स और स्वच्छ ऊर्जा में निवेश कर रही है, जिससे हजारों नौकरियां पैदा हो रही हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भारतीय नियमों का पूरी तरह पालन करती है और पारदर्शिता व जवाबदेही बनाए रखने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।  

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First Published - July 28, 2025 | 7:13 PM IST

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