एचडीएफसी म्युचुअल फंड (HDFC Mutual Fund) की फ्लैगशिप स्कीम, एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड (HDFC Flexi Cap Fund) एक बड़े मुकाम पर पहुंच गया है। फंड की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गई है, जिससे यह उपलब्धि हासिल करने वाला देश का तीसरा म्युचुअल फंड बन गया है। कंपनी के मुताबिक, यह मील का पत्थर फंड की तेज ग्रोथ, निवेशकों के मजबूत भरोसे और हर तरह के बाजार माहौल में इसके लगातार बेहतर प्रदर्शन का सबूत है। साथ ही यह फंड की अनुशासित निवेश रणनीति को भी उजागर करता है। रोशी जैन (Roshi Jain) के इस्तीफे के बाद, 1 फरवरी 2026 से अमित गणात्रा (Amit Ganatra) इस स्कीम को मैनेज कर रहे हैं।
एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड इस साल अपनी 31वीं सालगिरह मना रहा है। इस फंड ने 1 जनवरी 1995 को म्युचुअल फंड बाजार में कदम रखा था। फंड ने अपनी शुरुआत से ही रिटर्न का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है और लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए पिछले 3 दशक में अपने निवेशकों को करोड़पति बना चुका है। इस फ्लेक्सी कैप फंड ने अपनी शुरुआत से 18.66% का CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) रिटर्न दिया है। फंड का SIP रिटर्न भी बेहतरीन रहा है।
Also Read: Quality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझें
फंड का लम्प सम प्रदर्शन
लॉन्च डेट – 1 जनवरी 1995
लॉन्च के बाद से रिटर्न – 18.66% सालाना
एकमुश्त निवेश – 1 लाख रुपये
31 साल बाद निवेश की वैल्यू – 2,02,16,393 रुपये
फंड का SIP प्रदर्शन
लॉन्च के बाद से SIP रिटर्न – 20.82% सालाना
मंथली SIP अमाउंट – 1,000 रुपये
31 साल में कुल SIP निवेश – 3,72,000 रुपये
31 साल बाद SIP निवेश की कुल वैल्यू – 2,24,33,784 रुपये
Also Read: शेयर बाजार पर भारी पड़ा सोना-चांदी, कीमती धातुओं के ETF में निवेश ने तोड़ा रिकॉर्ड; खुले 28 लाख खाते
यह फंड एक लचीली और रिसर्च आधारित निवेश रणनीति पर काम करता है। यह रणनीति फंड को अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन और सेक्टर में जरूरत के हिसाब से निवेश करने की सुविधा देती है, जिसका मकसद लंबी अवधि में निवेशकों की दौलत में इजाफा करना है। समय के साथ यह फंड उन निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद इक्विटी विकल्प बना रहा है, जो भारत की दीर्घकालिक विकास कहानी में हिस्सेदारी चाहते हैं।
HDFC AMC के एमडी और सीईओ नवनीत मुनोट ने कहा, “उनके लिए असली उपलब्धि फंड की तीन दशक लंबी वह यात्रा है, जिसमें उसने अलग-अलग बाजार चक्रों में लगातार प्रदर्शन किया है। विस्तार, गिरावट और ढांचागत बदलाव के दौर में भी फंड मजबूत, रिसर्च आधारित निवेश प्रक्रिया पर टिका रहा है और उसका साफ फोकस लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रिएशन पर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये के AUM का पड़ाव इसी सिस्टमैटिक प्रोसेस का नतीजा है। यह उन लाखों निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है, जिन्होंने वर्षों तक इस फंड पर विश्वास बनाए रखा। उनके मुताबिक, यह उपलब्धि सभी निवेशकों और भागीदारों की है, जिन्होंने लंबे समय तक साथ निभाया है।
Also Read: Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंड
फंड हाउस ने एक बयान में कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। बदलते बाजार हालात के मुताबिक खुद को ढालने की क्षमता के कारण फ्लेक्सीकैप फंड इस दौर में अहम भूमिका निभा रहे हैं। AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी म्युचुअल फंड्स की 11 सब-कैटेगरी में फ्लेक्सीकैप फंड्स में निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा लगाया। जनवरी 2026 में इनमें 7,672 करोड़ रुपये का निवेश आया।
इस उपलब्धि को हासिल करने वाले अन्य दो फंड Parag Parikh Flexi Cap Fund और HDFC Balanced Advantage Fund हैं। 31 जनवरी 2026 तक इन दोनों स्कीमों की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) क्रमशः 1.33 लाख करोड़ रुपये और 1.06 लाख करोड़ रुपये थी।