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Explainer: 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर कर्मचारियों की पेंशन 8वें वेतन आयोग के तहत नहीं बढ़ेगी?

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सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें चल रही हैं कि 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर हो चुके लोगों को फायदा नहीं मिलेगा। लेकिन इसकी असलियत क्या है? 

Last Updated- February 16, 2026 | 4:07 PM IST
8th Pay Commission
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग की काफी चर्चा है। खासकर ये सवाल उठ रहा है कि क्या 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर होने वाले लोगों की पेंशन बढ़ेगी या नहीं। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें चल रही हैं कि पहले रिटायर हो चुके लोगों को फायदा नहीं मिलेगा। लेकिन इसकी असलियत क्या है? 

वित्त मंत्रालय ने संसद में इस पर साफ-साफ जवाब दिया है। ये आयोग अभी बना ही है, और ये केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन को रिव्यू करने के लिए है। करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोग इससे प्रभावित होंगे, जिसमें काम करने वाले और रिटायर दोनों शामिल हैं। लेकिन अफवाहों से पहले फैक्ट्स समझते हैं। सरकार ने कहा है कि पेंशन में बदलाव फाइनेंस एक्ट 2025 से अपने आप नहीं होगा, बल्कि आयोग की सिफारिशों के बाद नियमों से होगा। ये बात हाल ही में राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में आई है।

8वां वेतन आयोग: कब और क्यों आया?

बता दें कि हर 10 साल में सरकार नया वेतन आयोग बनाती है ताकि महंगाई और बदलते हालात के हिसाब से सैलरी और पेंशन अपडेट हो। 7वां आयोग 2016 में लागू हुआ था, जो 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा। अब 8वां आयोग 1 जनवरी 2026 से असर दिखाएगा। सरकार ने जनवरी 2025 में ही इसे मंजूरी दी थी, और इसका काम सैलरी स्ट्रक्चर, भत्ते और पेंशन को देखना है। इसमें करीब 2.5 करोड़ लोगों पर असर पड़ेगा, जिसमें सिविलियन और डिफेंस दोनों शामिल हैं। आयोग की रिपोर्ट 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत में आएगी, और तब जाकर बदलाव लागू होंगे। 

अभी फीडबैक लेने के लिए 8cpc.gov.in वेबसाइट चालू है, जहां 16 मार्च तक सुझाव दे सकते हैं। ये आयोग पुराने सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए है, ताकि कर्मचारी और पेंशनर महंगाई से निपट सकें। मिसाल के तौर पर, मिनिमम पेंशन अभी 9,000 रुपये है, जो नए आयोग में बढ़कर 25,000 के करीब जा सकती है, लेकिन ये सिर्फ अनुमान है। असल फैसला रिपोर्ट के बाद होगा।

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31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर होने वालों की पेंशन: क्या होगा?

ये सबसे बड़ा सवाल है कि अगर कोई 2025 के आखिर तक रिटायर हो जाता है, तो क्या उसकी पेंशन नए आयोग से बढ़ेगी? अफवाह ये फैली कि ऐसे लोग बाहर रह जाएंगे, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं है। 8वें आयोग को कहा गया है कि वो सभी पेंशनर्स को कवर करे, चाहे वो कब रिटायर हुए हों। मतलब, 31 दिसंबर 2025 तक रिटायर होने वाले भी रिवाइज्ड पेंशन के हकदार होंगे, बशर्ते आयोग की सिफारिशें लागू हों। पुराने आयोगों में भी ऐसा ही हुआ था, जैसे 7वें में 2016 से पहले रिटायरों को भी फायदा मिला था। 

सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों से भी इस बात का भरोसा दिया गया है कि पेंशन में भेदभाव नहीं हो सकता। अभी करीब 33 लाख से ज्यादा पेंशनर हैं, और ये संख्या बढ़ रही है। अगर कोई रिटायरमेंट के करीब है, तो उसे चिंता करने की जरूरत नहीं, क्योंकि नियम सभी पर एक जैसे लागू होंगे। बस, इंतजार आयोग की रिपोर्ट का है।

वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बीते दिनों लिखित जवाब दिया कि पेंशन रिवीजन फाइनेंस बिल 2025 से अपने आप नहीं होता। ये सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स 2021 और दूसरे नियमों से होता है। आयोग को पेंशन पर सिफारिश करने का अधिकार है, और सरकार उसे मानने के बाद ऑर्डर जारी करेगी। कोई कट-ऑफ डेट से एक्सक्लूजन की बात नहीं है। ये बयान 9 फरवरी 2026 को राज्यसभा में आया, जब सांसद ने पूछा कि क्या पुराने रिटायरों को बाहर किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि फाइनेंस एक्ट सिर्फ प्रक्रिया में सुधार करता है, यह पेंशन पाने के अधिकार में कोई बदलाव नहीं करता। इससे पेंशनर्स को राहत मिली है। साथ ही, आयोग की वेबसाइट पर फीडबैक का मौका है, ताकि लोग अपनी राय दे सकें।

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First Published - February 16, 2026 | 4:04 PM IST

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