India AI Impact Summit 2026 के लिए भारत आए विदेशी मेहमान भी आसानी से UPI से पेमेंट कर पाएंगे। AI Impact Summit में जब दुनिया भर से आए मेहमान भारत की तकनीक और इनोवेशन को करीब से देखने जुटे हैं, इसी में यह जरूरी फैसला लिया गया है। विदेशी मेहमान भारत में घूमते हुए, खरीदारी करते हुए या खान-पान का आनंद लेते हुए आसानी से UPI से पेमेंट करेंगे, वो भी बिना यहां भारतीय मोबाइल नंबर और किसी प्रकार के बैंक खाते के।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने India AI Impact Summit 2026 के दौरान ‘UPI One World’ सेवा शुरू की है, जो विदेश से आए मेहमानों के लिए रीयल-टाइम डिजिटल पेमेंट की सुविधा देगा। मतलब अब विदेशी मेहमान भी QR कोड स्कैन कर सीधे पेमेंट करेंगे, बिल्कुल वैसे ही जैसे भारत में करोड़ों लोग रोज करते हैं। यह पहल सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ डिजिटल टेक्नोलॉजी की ताकत को दुनिया के सामने दिखाने का एक और बड़ा कदम है।
‘UPI One World’ एक ऐसा प्रीपेड वॉलेट है जो खास विदेशी यात्रियों के लिए बनाया गया है। इसमें भारतीय बैंक खाते या लोकल मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं पड़ती। ट्रैवलर्स इस वॉलेट में पैसे डालकर भारत में घूमते हुए कैशलेस पेमेंट कर सकते हैं। इससे कैश ले जाने या फॉरेन एक्सचेंज की टेंशन खत्म हो जाती है।
यह वॉलेट न्यू दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अधिकृत PPI (प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट) जारीकर्ताओं के जरिए और समिट के NPCI पवेलियन (हॉल 14, स्टॉल नंबर 14.16) में उपलब्ध है। ट्रैवलर्स QR कोड स्कैन करके सामान्य UPI ऐप की तरह पेमेंट कर सकते हैं। इस्तेमाल न होने वाला बैलेंस वापस मूल पेमेंट सोर्स में ट्रांसफर किया जा सकता है, जो फॉरेन एक्सचेंज नियमों के मुताबिक होगा।
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इसके लिए सबसे पहले CheqUPI ऐप डाउनलोड करना होगा, जो ट्रांसकॉर्प कंपनी ने बनाया है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से मिल जाएगा।
रजिस्ट्रेशन के स्टेप्स कुछ ऐसे हैं:
फिर इंटरनेशनल डेबिट या क्रेडिट कार्ड से वॉलेट में पैसे डालें। हर ट्रांजेक्शन में ज्यादा से ज्यादा 25,000 रुपये तक डाल सकते हैं। महीने में सिर्फ दो बार लोडिंग की इजाजत है, कुल मिलाकर 50,000 रुपये तक।
एक बार सबमिट करने के बाद ऐप इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाता है। इससे विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति और खाने का मजा लेते हुए ‘मेड इन इंडिया’ UPI टेक्नोलॉजी का फायदा उठा सकेंगे।
न्यूज वेबसाइट फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ग्रोथ) सोहिनी रजोला ने कहा कि UPI दुनिया का सबसे बड़ा रीयल-टाइम पेमेंट सिस्टम है। इस समिट में विदेशी मेहमानों को यह सुविधा देकर हम उन्हें भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का असली अनुभव दे रहे हैं। यह ‘मेड इन इंडिया’ टेक्नोलॉजी को ग्लोबल स्टेज पर दिखाने का मौका भी है।
एक्सपर्ट का मानना है कि यह पहल भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की लीडरशिप को दुनिया के सामने लाती है। जनवरी 2026 में UPI ने रिकॉर्ड 21.70 अरब ट्रांजेक्शन किए, जिनकी वैल्यू 28.33 लाख करोड़ रुपये (करीब 312 बिलियन अमेरिकी डॉलर) थी। इससे साफ पता चलता है कि भारत का रीयल-टाइम पेमेंट सिस्टम कितना मजबूत और लोकप्रिय हो चुका है।
हालांकि, कुछ देशों को रेगुलेटरी गाइडलाइंस के चलते इस सर्विस से बाहर रखा गया है। एक्सपर्ट के मुताबिक, यह पायलट प्रोजेक्ट क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो ग्लोबल डिजिटल इकोनॉमी को और एक-दूसरे से जोड़ सकता है।