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AI की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए ठोस प्रतिबद्धता जरूरी: नागेश्वरन

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सीईए ने कहा- AI का लाभ तभी मिलेगा जब शिक्षा, कौशल और रोजगार सृजन के साथ तकनीक को जोड़ा जाए; ‘टीम इंडिया’ नजरिया अपनाने पर जोर

Last Updated- February 16, 2026 | 3:27 PM IST
Chief Economic Advisor (CEA) V Anantha Nageswaran
File Image

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंता नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाना अपने आप नहीं होगा। इसके लिए कमिटेड होना होगा, ताकि तकनीक को इस तरह अपनाया जाए जिससे बड़े स्तर पर रोजगार भी पैदा हो। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को वर्चुअल संबोधन में नागेश्वरन ने कहा कि देशों को मजबूत बुनियादी शिक्षा, हाई ​क्वालिटी स्किल, श्रम-आधारित सेवा क्षेत्रों का विस्तार और नियमों में अड़चनों को दूर करने की दिशा में तेजी से कदम उठाने होंगे।

‘टीम इंडिया’ का प्रयास होना चाहिए

उन्होंने कहा कि एआई अपनाने के लिए सहयोग जरूरी है। यह ‘टीम इंडिया’ का प्रयास होना चाहिए, जिसमें निजी क्षेत्र, शिक्षाविद और नीति निर्माता सभी शामिल हों। उन्होंने कहा, “अवसरों की खिड़की अभी खुली है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं। हमें अभी कदम उठाने होंगे।” सीईए ने एआई को तेजी से अपनाने पर जोर दिया। नागेश्वरन ने कहा, “भारत के लिए यह काम के भविष्य पर बहस का विषय नहीं है, बल्कि यह विकास और सामाजिक स्थिरता के भविष्य का फैसला है।”

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बनी हुई है स्किल की बड़ी कमी

उन्होंने कहा कि दूरदर्शिता, संस्थागत अनुशासन और लगातार काम के जरिए भारत एक ऐसा बड़ा समाज बन सकता है जो मानव संसाधन की असली ताकत दिखाए। हर साल लाखों नौकरियां बन रही हैं, लेकिन ​स्किल की बड़ी कमी बनी हुई है। बहुत कम लोगों को औपचारिक प्रशिक्षण मिला है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक कमजोरी है।

इस कमजोरी को दूर करने के लिए उन्होंने नीति में बड़े बदलाव की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, “यह अपने आप नहीं होगा। इसके लिए तुरंत कार्रवाई, राजनीतिक इच्छाशक्ति, मजबूत प्रशासनिक क्षमता और ऐसी तकनीक अपनाने की प्रतिबद्धता चाहिए जो बड़े स्तर पर रोजगार भी दे।”

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First Published - February 16, 2026 | 3:27 PM IST

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