लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ढाका में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नव निर्वाचित बांग्लादेश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेशी राष्ट्रअध्यक्षों के आने से बढ़ी व्यस्तता के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ढाका नहीं जा सकेंगे।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान सोमवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रोथम आलो के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए भारत, चीन, सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान सहित 13 पड़ोसी और करीबी देशों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। सूत्रों ने कहा कि रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार बनने के साथ भारत और बांग्लादेश के संबंधों में सुधार होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच अगस्त 2024 से दूरियां बढ़ गई थीं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार रहमान के शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ढाका नहीं जाएंगे, क्योंकि सोमवार शाम को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुंबई में उतरने वाले हैं। मोदी और मैक्रों मंगलवार की दोपहर पहले लोक भवन (पुराना नाम राजभवन) में वार्ता करेंगे और इसके बाद शाम को ताज महल होटल में भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम में हिस्सा लेंगे। सूत्रों ने बताया कि भारत अपने पड़ोसी बांग्लादेश के साथ संबंध सुधारने के लिए उत्सुक है लेकिन वह संसद में कट्टरपंथी राजनीतिक संगठन जमात-ए-इस्लामी की मजबूत स्थिति को देखते हुए सतर्कता से कदम आगे बढ़ागा। प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश संसदीय चुनाव में बीएनपी की जीत पर पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान को सबसे पहले बधाई दी थी।
उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में स्पीकर बिरला की भागीदारी भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच गहरी और स्थायी दोस्ती को रेखांकित करती है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘एक साझा इतिहास, संस्कृति और आपसी सम्मान से एकजुट पड़ोसियों के रूप में भारत तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन का स्वागत करता है।’
बीएनपी अध्यक्ष रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने सप्ताहांत में कहा था कि भारत और बांग्लादेश को आपसी लाभ के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बांग्लादेश में बदली राजनीतिक स्थिति को पहचानने की जिम्मेदारी भारत पर है। कबीर ने कहा, ‘बांग्लादेश को लेकर अब भारत की सोच में बदलाव आना चाहिए। आज के बांग्लादेश में शेख हसीना और अवामी लीग का कोई अस्तित्व नहीं है। लोगों ने बीएनपी के पक्ष में स्पष्ट फैसला दिया है।’ रहमान के सलाहकार कबीर ने 2024 के अगस्त विद्रोह के बाद से भारत में रह रहीं शेख हसीना को 1,500 से अधिक लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ‘आतंकवादी’ बताया।
कबीर ने केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत की धरती का उपयोग शेख हसीना या अवामी लीग के अन्य नेताओं द्वारा इस तरह न किया जाए जिससे बांग्लादेश में अस्थिरता आए। उन्होंने कहा, ‘भारत को किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं दिखना चाहिए जो बांग्लादेश की संप्रभुता को कमजोर करे।’ मालूम हो कि भारत ने 26 नवंबर, 2025 को कहा था कि वह शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अनुरोध का अध्ययन कर रहा है।
अगस्त 2024 के बाद से पाकिस्तान और बांग्लादेश को छोड़कर भारत के अपने पड़ोसी और करीबी देशों के साथ संबंध लगातार बेहतर हुए हैं। पिछले 12 महीनों में श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान, मालदीव, मॉरीशस और सेशेल्स के प्रमुख मंत्री भारत आए हैं या यहां से शीर्ष भारतीय नेतृत्व का दौरा इन देशों में हुआ है। चीन के साथ भी संबंध इस समय सामान्य बने हुए हैं।